गोरखपुर के उनवल नगर पंचायत में मिट्टी खनन और उसकी ढुलाई को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। वार्ड नंबर 4 और 7 के रास्तों पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही, धूल और कथित नाबालिग चालकों को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वार्डों की सड़कों पर बढ़ी परेशानी
उनवल नगर पंचायत के वार्ड नंबर 4 और 7 में मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लगातार आवाजाही स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध तरीके से मिट्टी खनन कर उसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए दूसरी जगह पहुंचाया जा रहा है।
दिन-रात वाहनों के आने-जाने से सड़क पर चलने वाले लोगों को लगातार सतर्क रहना पड़ता है।
रात में तेज रफ्तार से बढ़ता खतरा
स्थानीय निवासियों के मुताबिक रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां एक साथ तेज रफ्तार में गुजरती हैं। मिट्टी से लदे इन वाहनों की गति को लेकर लोगों में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बाइक सवारों और पैदल राहगीरों के लिए यह समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि वाहनों के गुजरने से सड़क पर धूल का गुबार उठता रहता है।

नाबालिग चालकों को लेकर भी शिकायत
ग्रामीणों ने कुछ ट्रैक्टरों को कथित तौर पर नाबालिगों द्वारा चलाए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अनुभव की कमी के बावजूद ऐसे चालक तेज गति से वाहन चलाते हैं, जिससे सड़क पर कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
लोगों ने प्रशासन से चालकों की उम्र और ड्राइविंग संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
कागजात और रॉयल्टी की जांच की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना वैध कागजात और रॉयल्टी के मिट्टी ढो रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि खनन की अनुमति, रॉयल्टी, वाहनों के दस्तावेज और मिट्टी की ढुलाई से जुड़े नियमों की जांच की जाए।
अधिकारियों से कार्रवाई की उम्मीद
इस मामले में स्थानीय निवासी धर्मेंद्र, अभिषेक और संगम ने शिकायत दर्ज कराई है। खनन निरीक्षक अमित सिंह ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों ने एसडीएम, सीओ और संबंधित विभागीय अधिकारियों से भी मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ सकता है खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। साथ ही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और नाबालिग चालकों की शिकायतों की भी जांच होनी चाहिए।
मिट्टी की ढुलाई से जुड़े नियमों की अनदेखी और सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही महज असुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा का सवाल भी है। अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर है। समय रहते प्रभावी कदम उठे तो किसी संभावित बड़े हादसे को टाला जा सकता है।

