अमृतसर में आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामले की जांच के बीच पुलिस ने हैपी पशिया की बहन किरणदीप कौर की तलाश तेज कर दी है। पुलिस को उसकी आखिरी लोकेशन हिमाचल प्रदेश के पास मिली है, जिसके बाद उसके पंजाब से बाहर निकलने की आशंका जताई जा रही है।
बहन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश
अमृतसर के थाना रमदास की पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर से आतंकी बने हरप्रीत सिंह उर्फ हैपी पशिया की बहन किरणदीप कौर की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। उसकी आखिरी लोकेशन हिमाचल प्रदेश के आसपास मिलने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस को आशंका है कि कार्रवाई की भनक लगने के बाद वह पंजाब से बाहर निकल गई है।
मां को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है पुलिस
किरणदीप कौर की मां भूपिंदर कौर को पुलिस शनिवार देर रात गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस की कार्रवाई उस घटनाक्रम से जुड़ी है, जिसमें जट्टा गांव निवासी दलजीत सिंह ने कथित तौर पर पशिया के घर के बाहर हवाई फायरिंग कर धमकियां दी थीं।
बताया जा रहा है कि इस दौरान भूपिंदर कौर और किरणदीप कौर के साथ दलजीत की बहस भी हुई थी।
विवाद के बाद फेंके गए हैंड ग्रेनेड
पुलिस के मुताबिक, घटना की जानकारी दोनों महिलाओं ने विदेश में बैठे हैपी पशिया को दी थी। इसके बाद कथित तौर पर पशिया ने अपने गुर्गों के जरिए दलजीत सिंह के घर पर दो हैंड ग्रेनेड फिंकवाए।
हवाई फायरिंग और धमकी के मामले में पुलिस ने दलजीत सिंह के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। अब जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
पहले भी गिरफ्तार हो चुकी हैं मां-बेटी
हैपी पशिया की मां और बहन पर पहले भी गंभीर आरोपों के चलते कार्रवाई हो चुकी है। अजनाला थाने के बाहर 2024 में आईईडी लगाने के मामले में आरोपितों को कथित तौर पर पनाह और मदद देने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार किया गया था।
दोनों को बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।

पुलिस अधिकारियों को धमकाने का भी आरोप
पुलिस के अनुसार, परिवार के खिलाफ कार्रवाई के बाद विदेश में बैठे हैपी पशिया ने कुछ पुलिस अधिकारियों को कथित तौर पर धमकियां दी थीं। उसके खिलाफ पंजाब के अलग-अलग थानों में 50 से अधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।
ऐसे में किरणदीप कौर की मौजूदा तलाश को पुलिस गंभीरता से आगे बढ़ा रही है।
जांच से खुल सकते हैं कई राज
फिलहाल पुलिस की टीमें किरणदीप कौर को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। हिमाचल के पास मिली आखिरी लोकेशन जांच के लिए अहम मानी जा रही है।
पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि हालिया घटनाक्रम में उसकी क्या भूमिका थी और आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के साथ उसके संपर्क कितने सक्रिय थे। पुलिस की अगली कार्रवाई अब उसकी गिरफ्तारी और जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।

