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Wednesday, September 2, 2026
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AIMIM को यूपी चुनाव से पहले झटका, आसिम वकार छोड़ेंगे ओवैसी का साथ?

उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आसिम वकार के कांग्रेस में जाने की चर्चा ने ओवैसी की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

AIMIM छोड़ सकते हैं आसिम वकार

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता आसिम वकार के पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, वह बुधवार, 2 सितंबर को कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं।

हालांकि, वकार की ओर से अभी इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है।

10 साल से AIMIM में थे सक्रिय

आसिम वकार पिछले करीब 10 वर्षों से AIMIM में सक्रिय रहे हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा और धीरे-धीरे पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।

AIMIM को यूपी चुनाव से पहले झटका, आसिम वकार छोड़ेंगे ओवैसी का साथ?

ऐसे में अगर वह कांग्रेस में शामिल होते हैं तो इसका असर सिर्फ संगठनात्मक स्तर पर नहीं, बल्कि यूपी में AIMIM की राजनीतिक रणनीति पर भी पड़ सकता है।

पार्टी से नाराजगी की चर्चा

सूत्रों के अनुसार, वकार पिछले कुछ समय से AIMIM से नाराज चल रहे थे। खासकर उत्तर प्रदेश इकाई से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर उनकी असहमति की चर्चा है।

हालांकि, उन्होंने अपनी नाराजगी की वजह सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट नहीं की है। इसलिए फिलहाल इन अटकलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पहले सपा में कर चुके हैं लंबी राजनीति

AIMIM में आने से पहले आसिम वकार समाजवादी पार्टी में करीब 20 साल तक सक्रिय राजनीति कर चुके हैं। अब AIMIM छोड़ने की स्थिति में उनका कांग्रेस की ओर रुख करना राजनीतिक रूप से दिलचस्प माना जा रहा है।

सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग से जुड़े नेताओं ने उन्हें पार्टी में लाने के लिए संपर्क किया है।

ओवैसी की यूपी रणनीति को झटका?

असदुद्दीन ओवैसी लंबे समय से उत्तर प्रदेश में AIMIM का आधार मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने करीब 95 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे कोई सीट नहीं मिली।

2027 के चुनाव में ओवैसी का जोर खासतौर पर मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्रों पर रहने की संभावना है। ऐसे समय में पार्टी के एक प्रमुख यूपी चेहरे का अलग होना AIMIM के लिए चुनौती बन सकता है।

कांग्रेस के लिए कितना अहम कदम?

अगर आसिम वकार कांग्रेस में शामिल होते हैं तो पार्टी को यूपी में अल्पसंख्यक राजनीति के मोर्चे पर एक अनुभवी चेहरा मिल सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक चुनावी असर आने वाले महीनों में ही स्पष्ट होगा।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव से पहले नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला अक्सर नए समीकरणों को जन्म देता है। आसिम वकार का संभावित फैसला भी ऐसा ही एक कदम हो सकता है, जिसकी गूंज AIMIM और कांग्रेस दोनों के राजनीतिक गलियारों में सुनाई दे सकती है।

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