back to top
Wednesday, September 2, 2026
Homeराज्यजंतर-मंतर प्रदर्शन की FIR रद्द, CJP ने बताया ‘ऐतिहासिक जीत’, 5 सितंबर...

जंतर-मंतर प्रदर्शन की FIR रद्द, CJP ने बताया ‘ऐतिहासिक जीत’, 5 सितंबर का मार्च वापस

जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद CJP ने इसे युवाओं की जीत बताया है। संगठन ने मुआवजे और FIR रद्द करने की अपनी मांग पूरी होने का दावा करते हुए प्रस्तावित मार्च भी वापस ले लिया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदर्शनकारियों को राहत

मंगलवार, 1 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR को रद्द करने का आदेश दिया। फैसले के बाद प्रदर्शन से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है।

CJP प्रवक्ता सौरव दास ने इसे आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि देशभर में दर्ज मामलों को खत्म किए जाने का फैसला युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

मुआवजे की मांग पर भी कार्रवाई

सौरव दास के मुताबिक, आंदोलन के दौरान जिन युवाओं की मौत हुई, उनके परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की मांग की गई थी।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से यह भी कहा गया कि यदि किसी राज्य में ऐसी कोई FIR छूट गई है, तो उस पर भी विचार किया जाएगा।

जंतर-मंतर प्रदर्शन की FIR रद्द, CJP ने बताया ‘ऐतिहासिक जीत’, 5 सितंबर का मार्च वापस

‘यह Gen Z की जीत है’

CJP प्रवक्ता ने फैसले को Gen Z की उपलब्धि बताते हुए कहा कि युवाओं ने अपने मुद्दों को मजबूती से उठाया। उनके मुताबिक, केंद्र की ओर से मिले आश्वासन के बाद बातचीत आगे नहीं बढ़ी, जिसके चलते संगठन ने दोबारा आंदोलन का ऐलान किया था।

सौरव दास ने कहा कि 24 अगस्त को 5 सितंबर को मार्च निकालने की घोषणा की गई थी। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद परिस्थितियां बदल गई हैं।

90 दिनों में मुआवजे का दावा

सौरव दास ने कहा कि जिन परिवारों के बच्चों ने आत्महत्या की, उन्हें मुआवजा देने की प्रक्रिया तय समय में पूरी की जाएगी। उन्होंने इसके लिए 90 दिनों की समयसीमा का जिक्र किया।

उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर के सहयोग की भी सराहना की और कहा कि उनके प्रयासों से युवाओं की कानूनी लड़ाई को मजबूती मिली।

2,800 लोगों को लेकर अलग मामला

सौरव दास ने यह भी बताया कि दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन के दौरान करीब 2,800 पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को लेकर अलग FIR दर्ज करने की आशंका जताई गई है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई न होने की बात भी अदालत के समक्ष रखी गई है। इस पूरे पहलू को लेकर आगे की कानूनी स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।

5 सितंबर का मार्च वापस

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च फिलहाल वापस लेने का ऐलान किया है। सौरव दास ने कहा कि संगठन की प्रमुख मांगें पूरी हो गई हैं, इसलिए अब मार्च करने की जरूरत नहीं है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन की FIR रद्द होने का फैसला युवाओं के आंदोलन और उनके अधिकारों को लेकर चल रही बहस में महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब असली परीक्षा इस बात की होगी कि अदालत के निर्देशों और मुआवजे से जुड़े आश्वासनों को जमीन पर कितनी तेजी से लागू किया जाता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments