बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों चेक बाउंस मामले में कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले की अहम सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने अभिनेता को फिलहाल जेल न भेजने का निर्णय लिया। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव स्वयं कोर्ट में मौजूद रहे और उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उन्होंने पहले ही एक बड़ी धनराशि का भुगतान कर दिया है। इस फैसले से अभिनेता को बड़ी राहत मिली है और मामले की अगली सुनवाई तक उन्हें जेल जाने की चिंता नहीं रहेगी।
जमानत याचिका और भुगतान का विवरण
सुनवाई की शुरुआत में राजपाल यादव के वकील ने अदालत को सूचित किया कि उन्होंने नियमित जमानत के लिए याचिका दाखिल की है। इसके साथ ही अदालत को बताया गया कि अभिनेता की अंतरिम जमानत की अवधि उसी दिन समाप्त हो रही थी। वकील ने भुगतान के बारे में जानकारी दी कि ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ को अब तक 4.25 करोड़ रुपये अदा किए जा चुके हैं और 25 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट आज जमा किया जा रहा है। अदालत ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अभिनेता ने पर्याप्त धनराशि का भुगतान किया है, इसलिए उन्हें दोबारा जेल नहीं भेजा जा रहा है।

राजपाल यादव का कोर्ट में पक्ष
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने भावुक होते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि 2016 में कोर्ट ने उन्हें 10.40 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया था। अभिनेता ने कहा कि उन्होंने भुगतान की पूरी कोशिश की और 2018 में अपने एक दोस्त की 28 करोड़ रुपये की संपत्ति के कागजात भी पेश किए थे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले ही 2 करोड़ रुपये अदा कर दिए थे, लेकिन बाकी 8 करोड़ न दे पाने पर दूसरी पार्टी ने उन्हें जेल भेजने की मांग की। राजपाल यादव ने यह भी बताया कि उनकी फिल्म में 5 करोड़ नहीं बल्कि 22 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जिससे उनके 17 करोड़ रुपये बर्बाद हो गए।
कोर्ट की सलाह और अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान जज ने राजपाल यादव को सावधानी बरतने की सलाह दी और कहा कि वह ऐसा कुछ न बोलें जो उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सके। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अभिनेता ने शेष राशि चुका दी, तो मामला समाप्त हो जाएगा। अन्यथा उन्हें बहस के लिए तैयार रहना होगा। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च के लिए तय की है। इस फैसले से अभिनेता को अस्थायी राहत मिली है, लेकिन उन्हें शेष भुगतान और कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

