पंजाब के अजनाला विधानसभा क्षेत्र में हर साल आने वाली भयानक बाढ़ की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। उन्होंने इलाके के स्थायी विकास और बाढ़ से बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
इस दौरान अजनाला क्षेत्र के सरपंच, चेयरमैन और जिला परिषद सदस्य भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।
रावी और उज नदी से हर साल मचती है तबाही
विधायक धालीवाल ने राज्यपाल को अजनाला के लोगों की परेशानियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि रावी और उज नदी के पानी के कारण हर साल पूरा क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ जाता है।
जम्मू-कश्मीर से आने वाली उज नदी का पानी पठानकोट, सुजानपुर, दीनानगर, गुरदासपुर और डेरा बाबा नानक होते हुए अजनाला क्षेत्र में पहुंचता है, जिससे यहां भारी नुकसान होता है।
10-12 साल से लंबित है उज नदी डैम योजना
धालीवाल ने केंद्र सरकार की उज नदी पर प्रस्तावित डैम योजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि यह परियोजना पिछले 10-12 वर्षों से लंबित है।
उन्होंने राज्यपाल से अपील की कि वह इस मामले को प्रधानमंत्री और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सामने मजबूती से रखें, ताकि डैम निर्माण जल्द शुरू हो सके।
विधायक के अनुसार, डैम बनने से न केवल बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि बिजली उत्पादन, सिंचाई सुविधाओं और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

बॉर्डर क्षेत्र के विकास पर दिया जोर
धालीवाल ने कहा कि अगर देश को विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचना है तो सीमावर्ती इलाकों के विकास पर विशेष ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि बॉर्डर एरिया की अनदेखी से देश का समग्र विकास प्रभावित होगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान जरूरी है।
1600 करोड़ रुपये मुआवजे का मुद्दा भी उठाया
मुलाकात के दौरान विधायक ने पिछली बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपये के मुआवजे का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए घोषित सहायता जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि लोगों को नुकसान से उबरने में मदद मिल सके।
राज्यपाल ने दिया समाधान का भरोसा
विधायक धालीवाल ने बताया कि राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मुलाकात का समय तय करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अजनाला की बाढ़ समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

