पंजाब के फिरोजपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पंजाब पुलिस के एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) ने कथित ब्लैकमेलिंग, बदनामी और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर नहर में छलांग लगा दी। घटना से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में उन्होंने सात लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नहर में छलांग लगाने से पहले बनाया वीडियो
जानकारी के अनुसार, मक्खू क्षेत्र में तैनात एएसआई गुरदयाल सिंह ने घटना से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी तस्वीरों का दुरुपयोग कर आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई।
ब्लैकमेलिंग और पैसों की मांग का आरोप
वीडियो में एएसआई ने आरोप लगाया कि उनसे 30 से 35 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। उनके अनुसार, लगातार ब्लैकमेलिंग, बदनामी और मानसिक दबाव के कारण वह यह कदम उठाने के लिए मजबूर हुए। इन आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
फिरोजपुर पुलिस ने एएसआई की पत्नी के बयान के आधार पर सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है और आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जाएगी।
एएसआई की तलाश जारी
घटना के बाद पुलिस और गोताखोरों की टीमें नहर में लगातार तलाश अभियान चला रही हैं। समाचार लिखे जाने तक एएसआई का कोई पता नहीं चल सका था। अधिकारियों का कहना है कि खोज अभियान जारी है।
पुलिस ने क्या कहा?
एसपी (डी) मंजीत सिंह ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धारा के तहत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि गुरदयाल सिंह मूल रूप से गुरदासपुर जिले के रहने वाले थे और फिरोजपुर के मक्खू क्षेत्र में डायल 112 सेवा में तैनात थे।
फिरोजपुर की यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। वीडियो में लगाए गए आरोपों और दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है। एएसआई की तलाश जारी है और मामले की वास्तविक परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।

