गोरखपुर में बारिश के बीच इलाहीबाग नाले की सफाई का काम प्रभावित हो गया। सावित्री अस्पताल के पास पानी बढ़ने से सड़क का करीब 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और सफाई में लगा पंपिंग सेट नाले में समा गया। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
बारिश से प्रभावित हुआ शिल्ट निकालने का काम
सावित्री अस्पताल के पास इलाहीबाग नाले के करीब 50 मीटर हिस्से में रविवार को शिल्ट निकालने का काम चल रहा था। नाले के पानी को नियंत्रित करने के लिए दोनों तरफ अस्थायी बांध बनाए गए थे और पानी को इलाहीबाग की ओर बाइपास किया जा रहा था। बारिश के कारण अचानक पानी बढ़ा, जिससे सफाई कार्य प्रभावित हुआ।
सड़क का 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त
नाले के पास सड़क का करीब 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त मिला। इसके कारण वहां लगाया गया पंपिंग सेट और सफाई में इस्तेमाल होने वाले कुछ उपकरण नाले में गिर गए। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।
बारिश में अपर नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण
स्थिति की जानकारी मिलने पर अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव बारिश के बीच मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाला सफाई कार्य का निरीक्षण किया और पंपिंग सेट की मदद से पानी को बाइपास करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने नाले की दीवार पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ने देने को प्राथमिकता दी।

मकानों के फर्श काटकर बनाया गया रास्ता
नाले की सफाई के लिए दो मकानों के फर्श को काटकर रास्ता बनाया गया है। इसी रास्ते से सफाईकर्मी नाले में उतरकर शिल्ट निकाल रहे हैं। रविवार को बारिश का पानी इस रास्ते में भी भर गया, जिससे काम की रफ्तार धीमी हो गई। शाम करीब चार बजे पानी कम होने के बाद सफाई दोबारा शुरू की गई।
पानी का बहाव नियंत्रित करना सबसे जरूरी
अधिशासी अभियंता अशोक कुमार भाटी के अनुसार पहले नाले के पानी को बाहर निकालकर उसका बहाव नियंत्रित किया जा रहा है। इसके बाद शिल्ट निकासी का काम आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे नाले की दीवार को अतिरिक्त नुकसान से बचाया जा सकेगा। मौसम अनुकूल रहा तो सोमवार या मंगलवार तक इस हिस्से की सफाई पूरी होने की उम्मीद है।
पांच किलोमीटर लंबा है इलाहीबाग नाला
इलाहीबाग नाला करीब पांच किलोमीटर लंबा है और शहर की जलनिकासी व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह पुलिस लाइन से शुरू होकर कई प्रमुख इलाकों से गुजरते हुए इलाहीबाग रेगुलेटर तक पहुंचता है। इसके बाद यह प्राकृतिक शोधन नाले से जुड़ता है। ऐसे में नाले की सफाई और सुचारु जलप्रवाह बारिश के मौसम में शहर के लिए बेहद अहम है।
बारिश ने सफाई अभियान की रफ्तार जरूर थाम दी है, लेकिन अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती नाले के पानी का दबाव नियंत्रित करते हुए काम पूरा करना है। आने वाले दिनों में मौसम और जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति इस अभियान की गति तय करेगी।

