अब डॉक्टर सीधे मरीज से ज्यादा एआई सिस्टम से सलाह लेकर इलाज कर सकते हैं। स्टैनफॉर्ड और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने MedOS नामक एक ऐसा एआई सिस्टम विकसित किया है जो मरीज के लक्षण और रिपोर्ट्स को देखकर डॉक्टर को सबसे उपयुक्त इलाज बताता है। रिसर्चर्स का कहना है कि यह जूनियर डॉक्टरों को भी एक्सपर्ट बना सकता है। MedOS में कई अलग-अलग AI मॉड्यूल हैं, जो मरीज की जांच, रिपोर्ट और टेस्ट रिजल्ट्स का विश्लेषण करके डॉक्टर को सटीक सलाह देते हैं।
कैसे काम करता है MedOS
MedOS सिस्टम मरीज के लक्षण, ब्लड टेस्ट और पैथलॉजी रिपोर्ट को स्कैन करता है। इसके बाद यह डॉक्टर को बताता है कि कौन-सा इलाज सबसे प्रभावी हो सकता है। सिस्टम की मदद से डॉक्टर किसी भी केस में गलती की संभावना कम कर सकते हैं। MedOS का उद्देश्य हेल्थकेयर सेक्टर में सटीकता और समय की बचत करना है। जूनियर डॉक्टर अब इस सिस्टम के जरिए जटिल मामलों में भी सही निर्णय ले सकते हैं।

सर्जरी और स्मार्ट ग्लासेस के साथ इंटिग्रेशन
MedOS सर्जरी में भी डॉक्टर की मदद करता है। XR स्मार्ट ग्लासेस पहनकर डॉक्टर मरीज के शरीर का 3D मॉडल देख सकते हैं। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि शरीर में कहां समस्या है और उसे कैसे ठीक किया जाए। इसके अलावा स्मार्ट ग्लव की मदद से डॉक्टर रोबोट को इंस्ट्रक्शन दे सकते हैं, जिससे सर्जरी, इंजेक्शन लगाना और अन्य जटिल मेडिकल प्रोसीजर आसानी से किए जा सकते हैं। यह फीचर सर्जरी की सफलता दर को बढ़ाने में मदद करेगा।
फिलहाल अमेरिका में उपयोग और भविष्य की योजनाएं
अभी MedOS सिस्टम का उपयोग अमेरिका के ब्लड सेंटर और पैथलॉजी डिपार्टमेंट में हो रहा है। यहां यह ब्लड टेस्ट और पैथलॉजी से जुड़े काम कर रहा है। रिसर्चर्स का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले समय में इसमें कई और फीचर जोड़े जा सकते हैं, जैसे कि अलग-अलग रोगों के लिए कस्टमाइज्ड सुझाव और लाइव डेटा एनालिसिस। MedOS आने वाले समय में हेल्थकेयर इंडस्ट्री में क्रांति ला सकता है।

