अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर असम के जोरहाट में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और मौजूदा विधायक हिटेंद्र नाथ गोस्वामी ने घोषणा की है कि वे असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) अध्यक्ष गौरव गोगोई के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। गोस्वामी ने गौरव गोगोई के जोरहाट से चुनाव लड़ने के फैसले पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि गौरव गोगोई अब यहाँ एमएलए के रूप में क्यों खड़े हो रहे हैं। वे पहले से ही जोरहाट के सांसद रहे हैं, तो अब विधानसभा चुनाव में क्यों उतर रहे हैं?”
गोस्वामी ने उठाए विकास मुद्दे, कहा- सांसद रहते कोई सहयोग नहीं मिला
गोस्वामी ने जोर देकर कहा कि विधायक होने के नाते उन्हें क्षेत्रीय विकास के मामलों में सांसद के साथ पर्याप्त समन्वय नहीं मिला। उन्होंने कहा, “जब वे सांसद थे और मैं विधायक, तब भी विकास परियोजनाओं के संबंध में कोई चर्चा नहीं हुई। हमें क्षेत्र के कल्याण के लिए सहयोग की आवश्यकता थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।” इस बयान से यह साफ हो गया कि विकास और कल्याण के मुद्दे जोरहाट की चुनावी लड़ाई में मुख्य केंद्र बिंदु बन सकते हैं।

युवा वोटरों की भूमिका अहम, लेकिन व्यक्तिगत वैमनस्य नहीं
गोस्वामी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके और गोगोई के बीच कोई व्यक्तिगत वैमनस्य नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं है, इसलिए मैं अनावश्यक टिप्पणियां नहीं करना चाहता।” उन्होंने आगामी चुनाव में युवा वोटरों की भूमिका को महत्व देते हुए कहा, “युवा पीढ़ी इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वे जागरूक हैं और जानते हैं कि किसे चुनना है।” गोस्वामी ने पाकिस्तान से जुड़े विवाद पर भी टिप्पणी करने से परहेज किया और कहा कि जोरहाट के लोग शिक्षित हैं और सही निर्णय खुद कर सकते हैं।
सांस्कृतिक पहल: जुबिन गर्ग को समर्पित परियोजना
राजनीतिक टकराव के बीच गोस्वामी ने सांस्कृतिक पहल की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि जोरहाट के विज्ञान कॉलेज के पास सोताई में असम के संगीत प्रतिष्ठान जुबिन गर्ग को समर्पित एक परियोजना शुरू की जाएगी। इस कदम के जरिए गोस्वामी क्षेत्रीय सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देना चाहते हैं। गौरव गोगोई और हिटेंद्र नाथ गोस्वामी की राजनीतिक पकड़ के कारण जोरहाट विधानसभा क्षेत्र आगामी चुनाव में एक कड़ा और रोचक मुकाबला देखने को मिलने की संभावना है।

