बिहार में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की निगरानी को लेकर पुलिस मुख्यालय ने नई व्यवस्था लागू की है। ADG, IG और DIG स्तर के 36 वरिष्ठ IPS अधिकारियों को 40 पुलिस जिलों का प्रभारी और नोडल अधिकारी बनाया गया है। इन अधिकारियों को थानों की कार्यप्रणाली से लेकर गश्त, महत्वपूर्ण मामलों और अपराध नियंत्रण की स्थिति तक की जमीनी समीक्षा करनी होगी।
36 वरिष्ठ IPS अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी व्यवस्था के तहत 36 वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें ADG, IG और DIG रैंक के अधिकारी शामिल हैं। कुछ अधिकारियों को एक से अधिक जिले की जिम्मेदारी भी दी गई है।
इसका उद्देश्य जिलों में पुलिसिंग की वास्तविक स्थिति की जानकारी सीधे वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से मुख्यालय तक पहुंचाना है। अधिकारियों को औपचारिक समीक्षा के बजाय मौके पर जाकर स्थिति समझने के निर्देश दिए गए हैं।
थानों से लेकर अपराध नियंत्रण तक होगी समीक्षा
जिम्मेदार अधिकारी अपने-अपने जिलों में जाकर थानों की कार्यप्रणाली, पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली, गश्त व्यवस्था और महत्वपूर्ण मामलों की स्थिति का जायजा लेंगे। कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रमुख मुद्दों और अपराध नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की जाएगी।
इस दौरान अधिकारियों का फोकस यह समझने पर रहेगा कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशों का स्थानीय स्तर पर कितना प्रभावी तरीके से पालन हो रहा है और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
25 से 27 सितंबर तक जिलों का दौरा
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के अनुसार नामित IPS अधिकारियों को 25 से 27 सितंबर के बीच अपने आवंटित जिलों का दौरा करने को कहा गया है। समीक्षा के बाद उन्हें अपनी रिपोर्ट प्रभारी DGP प्रीता वर्मा को सौंपनी है।
कुछ रिपोर्टों में अधिकारियों के जिलों में रात्रि विश्राम कर जमीनी हालात का जायजा लेने की भी जानकारी दी गई है। हालांकि, रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में 27 और 29 सितंबर का उल्लेख है, इसलिए अंतिम आधिकारिक निर्देश को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

किन अधिकारियों को मिली प्रमुख जिम्मेदारियां?
पुलिस मुख्यालय की सूची के अनुसार ADG लॉ एंड ऑर्डर के. सुहिता अनुपम को पटना, ADG आर. मल्लार विझि को नालंदा, ADG ईओयू डॉ. अमित कुमार जैन को वैशाली और सुधांशु कुमार को दरभंगा की जिम्मेदारी दी गई है।
इसी तरह ADG बी-सैप एनएच खान को मुजफ्फरपुर, ADG रेल डॉ. कमल किशोर सिंह को समस्तीपुर, ADG CID पारसनाथ को मुंगेर और ADG आधुनिकीकरण अजिताभ कुमार को गोपालगंज का प्रभारी बनाया गया है।
वहीं अमित लोढ़ा को लखीसराय और शेखपुरा, अमृत राज को भोजपुर, राजेश कुमार को पूर्णिया, पी. कन्नन को सारण और अनुसूया रणसिंह साहू को औरंगाबाद की जिम्मेदारी दी गई है। पंकज कुमार राज को भागलपुर और नवगछिया का प्रभारी बनाया गया है।
DGP प्रीता वर्मा को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
सभी प्रभारी अधिकारी अपने जिलों की समीक्षा के बाद रिपोर्ट प्रभारी DGP प्रीता वर्मा को सौंपेंगे। बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रीता वर्मा को बिहार कैडर की 1991 बैच की IPS अधिकारी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
रिपोर्ट के जरिए पुलिस मुख्यालय को जिलों में कानून-व्यवस्था, पुलिसिंग और महत्वपूर्ण मामलों की स्थिति की सीधी जानकारी मिलने की उम्मीद है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई और सुधार के लिए दिशा तय की जा सकती है।
11 प्रमुख स्थलों पर भी सुरक्षा पर जोर
पुलिस मुख्यालय ने राज्य के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर भी विशेष सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और बड़ी संख्या में आने वाले लोगों के बीच पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित करना है।
कुल मिलाकर नई व्यवस्था में वरिष्ठ IPS अधिकारियों को सीधे जिलों तक भेजकर पुलिसिंग की जमीनी तस्वीर समझने की कोशिश की जा रही है। अब इन अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद यह सामने आएगा कि विभिन्न जिलों में पुलिस व्यवस्था से जुड़े किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत चिन्हित की जाती है।

