समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार, 24 सितंबर को ‘PDA रथ’ के जरिए रायबरेली पहुंचे। उनके पहुंचने से कुछ घंटे पहले शहर के एक प्रमुख रास्ते पर लगा बड़ा पोस्टर चर्चा में आ गया। इस पोस्टर में अखिलेश यादव को भगवान कृष्ण के रूप में दिखाया गया है।
पोस्टर सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव एडवोकेट विश्वास दुबे की ओर से लगवाया गया बताया गया है। इसमें अखिलेश यादव को मोरपंख वाला मुकुट, पीले वस्त्र और बांसुरी के साथ कृष्ण के रूप में चित्रित किया गया है।
अखिलेश को बताया ‘PDA महानायक’
पोस्टर में अखिलेश यादव को ‘PDA महानायक’ बताया गया है। वहीं विश्वास दुबे को सुदामा के रूप में दिखाया गया है। पोस्टर पर लिखा है— ‘मेरे माधव, आपका सुदामा की धरती रायबरेली में स्वागत है!’
यह पोस्टर अखिलेश यादव के रायबरेली पहुंचने से ठीक पहले लगाया गया, जिसके बाद इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीतिक चर्चा में सामने आईं।
सपा विधायक राहुल लोधी ने किया पोस्टर का बचाव
पोस्टर को लेकर हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पोस्टर में इस्तेमाल कृष्ण-सुदामा की छवि का बचाव करते हुए कहा कि द्वापर युग में सुदामा भगवान कृष्ण के साथी थे और इसी संदर्भ में पोस्टर बनाया गया है।
लोधी ने इस दौरान बीजेपी पर भी राजनीतिक आरोप लगाए। उनके इन आरोपों को उनके राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए।
राहुल लोधी के घर चाय पीने पहुंचे अखिलेश
अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे में हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के घर जाना भी कार्यक्रम का हिस्सा था। उपलब्ध कार्यक्रम के मुताबिक अखिलेश यादव दोपहर में लोधी के घर पहुंचे और इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क कार्यक्रम में शामिल हुए।
यह मुलाकात हाल में रायबरेली में समाजवादी छात्र सभा और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पुलिस विवाद के बाद चर्चा में आए थे राहुल लोधी
हालिया विवाद के दौरान राहुल लोधी ने आरोप लगाया था कि स्थानीय पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। हालांकि जिला पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया था। इस घटनाक्रम के बाद सपा नेताओं की ओर से पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए थे।
अखिलेश यादव का राहुल लोधी के घर जाना इसी पृष्ठभूमि में हुआ।
रायबरेली से PDA रथ यात्रा की शुरुआत
अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा की शुरुआत रायबरेली से हुई। पार्टी के मुताबिक इस अभियान में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े मुद्दों तथा संगठनात्मक संपर्क पर जोर दिया जा रहा है। यात्रा के दौरान अखिलेश यादव पार्टी कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक समूहों से संपर्क कर रहे हैं।
यात्रा का कार्यक्रम बछरावां क्षेत्र से रायबरेली शहर की ओर बढ़ने और जीआईसी मैदान में कार्यक्रम तक रखा गया था।
रथ पर दिख रही सामाजिक न्याय की विरासत
सपा ने PDA रथ को विशेष रूप से तैयार किया है। रिपोर्टों के अनुसार रथ पर डॉ. भीमराव आंबेडकर, राम मनोहर लोहिया, जनेश्वर मिश्र, मुलायम सिंह यादव और बेनी प्रसाद वर्मा जैसे नेताओं की तस्वीरें लगाई गई हैं।
पार्टी इस यात्रा को अपने सामाजिक न्याय और PDA एजेंडे से जोड़कर पेश कर रही है।
2027 के चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रमुख दलों की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। सपा की PDA रथ यात्रा भी इसी व्यापक राजनीतिक गतिविधि के बीच शुरू हुई है। रायबरेली से इसकी शुरुआत होने के कारण स्थानीय स्तर पर भी इसका राजनीतिक महत्व चर्चा में है।
हालांकि यात्रा का चुनावी प्रभाव या आगामी चुनाव के परिणामों पर कोई निष्कर्ष अभी निकालना उचित नहीं होगा।
रायबरेली में अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा से पहले कृष्ण-सुदामा की थीम वाला पोस्टर स्थानीय राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया। पोस्टर में अखिलेश यादव को कृष्ण और विश्वास दुबे को सुदामा के रूप में दिखाया गया है। वहीं सपा की PDA रथ यात्रा अब उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच आगे बढ़ रही है।

