समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 21 सितंबर 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि सपा रिकॉर्ड सीटें जीतेगी। साथ ही AI, आउटसोर्सिंग, पेपर लीक, PDA ऑडिट, प्रतिमाओं और चुनावी तैयारियों को लेकर बीजेपी सरकार पर कई आरोप लगाए।
AI और सोशल मीडिया प्रचार पर अखिलेश का बयान
अखिलेश यादव ने AI के इस्तेमाल को लेकर कहा कि इसका उपयोग सकारात्मक और अच्छे कामों के लिए होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में AI और वीडियो का इस्तेमाल नकारात्मक प्रचार के लिए किया जा रहा है।
अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी वीडियो बना रहे हैं और पार्टी के कार्यकर्ता अपने स्तर पर लोगों तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा नकारात्मक वीडियो नहीं बनाना चाहती, लेकिन जिस तरह चुनावी प्रचार चल रहा है, उसमें जवाब देना जरूरी है।
PDA के लाल रंग पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के PDA अभियान और उसके लाल रंग को लेकर भी बीजेपी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सपा का रंग लाल है, लेकिन कुछ लोगों को हर चीज एक ही रंग में दिखाई देती है।
उन्होंने अपने PDA अभियान और रथ का जिक्र करते हुए दावा किया कि पार्टी का अभियान आगे बढ़ रहा है और संगठन चुनाव की तैयारी में जुटा है।
2027 में रिकॉर्ड सीटें जीतने का दावा
अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी रिकॉर्ड सीटें जीतेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी की संगठनात्मक बैठक में उन आरक्षित सीटों और उन सीटों पर भी चर्चा हुई, जहां सपा पिछली बार जीत नहीं सकी थी।
उनके मुताबिक, इन सीटों को ध्यान में रखते हुए संगठन और चुनावी रणनीति तैयार की जा रही है। यह अखिलेश यादव का चुनावी दावा है, न कि चुनाव परिणाम का स्थापित तथ्य।
PDA ऑडिट में 11 हजार पदों और पेपर लीक का दावा
अखिलेश यादव ने अपनी PDA ऑडिट रिपोर्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पहली PDA ऑडिट रिपोर्ट में करीब 11 हजार पदों की लूट की बात सामने आई थी।
उन्होंने दूसरी रिपोर्ट का हवाला देते हुए 20 से अधिक पेपर लीक होने का दावा किया। इसके अलावा अखिलेश ने कहा कि आगामी PDA ऑडिट रिपोर्ट में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों से जुड़ी घटनाओं का भी उल्लेख होगा। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में 151 मूर्तियां खंडित की गईं। इन आंकड़ों और आरोपों को अखिलेश यादव के दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।

आंबेडकर की प्रतिमाओं और संविधान को लेकर सरकार पर आरोप
अखिलेश यादव ने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिमाओं में हाथ या संविधान की किताब को नुकसान पहुंचाने के पीछे एक विशेष सोच है। साथ ही उन्होंने सरकार पर संविधान और न्यायपालिका के प्रति गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं।
आउटसोर्सिंग भर्ती पर कमीशन का आरोप
सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि नियमित सरकारी नौकरी में वेतन सीधे बजट से दिया जाता है, जबकि आउटसोर्सिंग में किसी निजी कंपनी के माध्यम से भुगतान होता है।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था का इस्तेमाल कमीशन के लिए किया जा रहा है और इससे कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। इस आरोप पर संबंधित सरकार या अधिकारियों का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
नकली दवाओं और कोडीन के कारोबार का मुद्दा
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में कथित नकली दवाओं और कोडीन के कारोबार का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
उन्होंने प्रदेश में अधिकारियों के तबादलों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि चुनाव के समय PDA समुदाय से जुड़े अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से BLO और चुनाव से जुड़े इंजीनियरों की मुलाकातों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई।
ओवैसी के साथ गठबंधन पर अखिलेश ने क्या कहा?
असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM की ओर से उत्तर प्रदेश में गठबंधन की संभावना जताए जाने के बीच अखिलेश यादव से भी इस बारे में सवाल किया गया। अखिलेश ने कहा कि गठबंधन का जो स्वरूप पहले था, वही रहेगा।
वहीं, ओवैसी ने 21 सितंबर को कहा है कि AIMIM उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए गठबंधन पर 2 अक्टूबर तक फैसला करेगी। इसलिए दोनों दलों के बयानों के बाद यूपी में विपक्षी गठबंधन की तस्वीर पर आगे भी नजर रहेगी।
यूपी के बंटवारे और चुनावी तैयारियों पर भी बोले
उत्तर प्रदेश के संभावित विभाजन की चर्चा पर अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग राज्यों के बंटवारे की बात करते हैं, वे आगे देश के बंटवारे की बात भी कर सकते हैं। उन्होंने जर्मनी का उदाहरण देते हुए बड़े राजनीतिक और भौगोलिक ढांचे को लेकर अपनी राय रखी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस दिन 2027 विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित होगी, उसी दिन बीजेपी की हार तय हो जाएगी। यह उनका राजनीतिक दावा है; चुनाव का वास्तविक परिणाम मतदान और मतगणना के बाद ही निर्धारित होगा।

