संगरूर के DC कार्यालय के बाहर जहरीला पदार्थ निगलने के मामले में पुलिस ने जग्गा सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी दी है। SSP रवजोत कौर ग्रेवाल के मुताबिक, उसके खिलाफ 9 FIR दर्ज हैं और 4 मामलों में दोषसिद्धि हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि घटना के जरिए सरकारी कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की गई।
DC ऑफिस के बाहर जहरीला पदार्थ निगलने का मामला
संगरूर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में 20 सितंबर को शाम करीब 4 बजे नामोल गांव निवासी जग्गा सिंह द्वारा संदिग्ध/जहरीला पदार्थ निगलने की घटना सामने आई थी। घटना के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और गंभीर हालत को देखते हुए पटियाला रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई।
जग्गा सिंह का दावा था कि वह गांव में कथित नशे की बिक्री के खिलाफ आवाज उठा रहा था और कार्रवाई नहीं होने से परेशान था। इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
SSP ने बताया- जग्गा पर पहले से 9 FIR
संगरूर की SSP रवजोत कौर ग्रेवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जग्गा सिंह के खिलाफ पहले से 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस के मुताबिक, इन मामलों में आबकारी अधिनियम, NDPS एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत दर्ज मामले शामिल हैं। SSP के अनुसार, इनमें से 4 मामलों में उसे दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि अन्य मामले अदालत में विचाराधीन हैं।
यहां यह अंतर महत्वपूर्ण है कि FIR दर्ज होना किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता। पुलिस द्वारा बताए गए मामलों में जिनमें अदालत से दोषसिद्धि हो चुकी है और जो मामले लंबित हैं, उन्हें अलग-अलग देखा जाना चाहिए।

सोशल मीडिया वीडियो का भी पुलिस ने किया जिक्र
पुलिस के मुताबिक, 12 सितंबर को जग्गा सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उसने कथित तौर पर कहा था कि अगर उसके मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपनी जान को नुकसान पहुंचाने जैसा कदम उठा सकता है।
SSP के अनुसार, इस संबंध में पुलिस ने पहले ही रिपोर्ट दर्ज कर इलाका मजिस्ट्रेट को भेजी थी। पुलिस का कहना है कि किसी सरकारी कर्मचारी पर दबाव बनाने के लिए इस तरह की धमकी देना कानून के तहत कार्रवाई का विषय हो सकता है।
पुलिस ने बताया- सरकारी कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कोशिश
SSP रवजोत कौर ग्रेवाल के मुताबिक, पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि जग्गा सिंह के कदम का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों पर दबाव बनाना था।
हालांकि, यह पुलिस का जांच के आधार पर दिया गया पक्ष है। घटना के पीछे जग्गा सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस के दावों—दोनों की जांच की जा रही है।
नशे की बिक्री को लेकर लगाए गए थे आरोप
इससे पहले जग्गा सिंह की ओर से दावा किया गया था कि उसने अपने गांव में कथित नशे की बिक्री से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। उसने आरोप लगाया था कि वीडियो के बाद उसे दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा।
उसके परिवार और समर्थकों की ओर से भी कुछ लोगों पर धमकी और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच जारी है और अभी इन्हें स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता।
पंचायत और पुलिस के दावों की भी होगी जांच
पुलिस के अनुसार, गांव की पंचायत ने भी अपना पक्ष रखा है। पंचायत की ओर से कथित तौर पर आरोप लगाया गया कि गांव में नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पंचायत और प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है।
पुलिस ने कहा है कि दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
मामले ने पंजाब में फिर बढ़ाई राजनीतिक हलचल
संगरूर में हुई इस घटना के बाद पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने घटना को लेकर राज्य सरकार से सवाल किए हैं, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से जग्गा सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला दिया गया है।
फिलहाल पुलिस जांच का केंद्र जग्गा सिंह के आरोपों, उसके पुराने मामलों, सोशल मीडिया वीडियो और DC कार्यालय में हुई घटना के पूरे घटनाक्रम पर है।

