पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरना तेज कर दिया है। पंजाब कांग्रेस प्रभारी और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है और गैंगस्टर खुलेआम लोगों को धमका रहे हैं। पायलट ने केंद्र सरकार को भी सीमा पार से आने वाली नशे की खेप रोकने के मुद्दे पर घेरा।
‘पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह खत्म’
सचिन पायलट ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर कहा कि राज्य में लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टर धमकियां दे रहे हैं, शूटआउट और हिंसा की घटनाएं हो रही हैं तथा सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रही है।
पायलट इससे पहले भी पंजाब में गैंग हिंसा, शूटिंग, हत्या और रंगदारी जैसी घटनाओं को लेकर AAP सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। उनके मुताबिक, नशे और अपराध के बीच भी एक कनेक्शन दिखाई देता है। ये पायलट के राजनीतिक आरोप हैं।
नशे के मुद्दे पर BJP और केंद्र को भी घेरा
पंजाब में बीजेपी की ओर से चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान पर भी पायलट ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ बीजेपी पंजाब में ‘नशा मुक्त पंजाब’ अभियान चला रही है, जबकि केंद्र की एजेंसियों की जिम्मेदारी सीमा से आने वाली नशीली पदार्थों की खेप को रोकना भी है।
पायलट ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि लंबे समय से सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी होने के बावजूद ड्रग्स की तस्करी पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर सीमा से नशीले पदार्थों की सप्लाई को प्रभावी तरीके से रोका जाता तो पंजाब में हालात इतने खराब नहीं होते।
पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सचिन पायलट ने कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में कांग्रेस के पक्ष में माहौल है और पार्टी मजबूत बहुमत के साथ सरकार बनाने की स्थिति में है।
हालांकि, यह कांग्रेस नेता का राजनीतिक दावा है, चुनावी नतीजे का स्वतंत्र अनुमान नहीं। पायलट ने इससे पहले कहा था कि कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए किसी एक मुख्यमंत्री चेहरे को घोषित करने के बजाय सामूहिक रूप से चुनाव लड़ेगी और बहुमत मिलने के बाद नेतृत्व पर फैसला किया जाएगा।

राजस्थान में सूखे जैसे हालात पर सरकार को घेरा
सचिन पायलट ने राजस्थान के कई हिस्सों में कम बारिश और सूखे जैसे हालात को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मानसून की कमी के बावजूद सरकार ने समय रहते पर्याप्त तैयारी नहीं की।
पायलट के मुताबिक, कई इलाकों में किसान और पशुपालक परेशान हैं और सरकार को पहले से ही आकस्मिक योजना बनाकर राहत की तैयारी करनी चाहिए थी।
ज्ञानेश कुमार पर वोटर लिस्ट को लेकर गंभीर आरोप
पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के जरिए चुनिंदा मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया में अन्य चुनाव आयुक्तों को दरकिनार किया गया। इन दावों को निर्वाचन आयोग या संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड की पुष्टि के रूप में नहीं, बल्कि पायलट के आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।
‘नोटबंदी के बाद अब वोटबंदी’
चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि मोदी सरकार ने पहले नोटबंदी की और अब ‘वोटबंदी’ की जा रही है। उन्होंने मताधिकार को लोकतंत्र का सबसे बड़ा अधिकार बताते हुए कहा कि अगर मतदाता का अधिकार प्रभावित होता है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
पंजाब में 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही कानून-व्यवस्था, नशा, रोजगार और शासन के मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। ऐसे में सचिन पायलट के ताजा बयानों से साफ है कि कांग्रेस इन मुद्दों को चुनावी अभियान में प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रही है।

