दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के ज्वालापुरी इलाके में जर्जर मकान ढहने से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उनका 20 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने प्रभावित परिवार से मुलाकात कर घायल युवक को सरकारी नौकरी और मकान के पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग की।
ज्वालापुरी में अचानक ढह गया मकान
यह हादसा नांगलोई विधानसभा क्षेत्र की ज्वालापुरी कॉलोनी में गुरुवार शाम हुआ। करीब 25 वर्ग गज में बने ग्राउंड प्लस वन मंजिला मकान के ढहने से पिता-पुत्र मलबे में दब गए। दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, घटना की सूचना शाम करीब 4:03 बजे मिली, जिसके बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
मृतक की पहचान 50 वर्षीय शमशुहल के रूप में हुई है। उनके 20 वर्षीय बेटे सोहेब को मलबे से निकालकर संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, युवक की पीठ में चोट आई है। मकान गिरने के कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
देवेंद्र यादव ने परिवार से की मुलाकात
हादसे के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताई और घायल युवक के भविष्य को देखते हुए उसे सरकारी नौकरी देने की मांग की।
यादव ने सरकार से परिवार को मकान दोबारा बनाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी अपील की। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए घर का पुनर्निर्माण करना आसान नहीं है।

राहत-बचाव को लेकर सरकार पर सवाल
देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद सरकारी तंत्र की प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं रही। उनका दावा है कि स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और मलबे से घायल युवक तथा मृतक को बाहर निकालने में मदद की।
उन्होंने प्रशासन की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की घोषणाओं और जमीन पर होने वाली कार्रवाई के बीच अंतर दिखाई देता है। ये आरोप देवेंद्र यादव की ओर से लगाए गए हैं; उपलब्ध आधिकारिक रिपोर्टों में दमकल विभाग की टीम के मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाने की पुष्टि है।
जर्जर मकानों की स्थिति पर चिंता
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ज्वालापुरी में पुराने और जर्जर मकानों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की स्थिति पर भी चिंता जताई। यादव के मुताबिक, कई परिवार आर्थिक परेशानी के कारण अपने मकानों की समय पर मरम्मत नहीं करा पाते।
उन्होंने सरकार से ऐसे मकानों की पहचान कराकर उनकी सुरक्षा और मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि समय रहते जर्जर मकानों की स्थिति सुधारी गई तो भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने में मदद मिल सकती है।
नगर निगम की भूमिका पर भी उठाए सवाल
देवेंद्र यादव ने जर्जर मकानों की स्थिति को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि दिल्ली में जोखिम वाले मकानों का सर्वे कराया जाए और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित आवास के लिए सहायता दी जाए।
हालांकि, नगर निगम में भ्रष्टाचार को इस हादसे का कारण बताने संबंधी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। फिलहाल मकान गिरने की वजह की जांच जारी है।
सरकार से क्या-क्या मांगें?
कांग्रेस ने प्रभावित परिवार के लिए मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं—घायल युवक को सरकारी नौकरी, परिवार को आर्थिक सहायता और मकान के पुनर्निर्माण में मदद। देवेंद्र यादव ने कहा कि गरीब परिवारों को जर्जर मकानों की मरम्मत के लिए भी सरकारी सहायता मिलनी चाहिए।
ज्वालापुरी की घटना ने एक बार फिर पुराने और कमजोर मकानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन की जांच में मकान गिरने की वजह क्या सामने आती है और प्रभावित परिवार के लिए सरकार की ओर से किस तरह की सहायता उपलब्ध कराई जाती है

