पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की।
फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा बना विवाद का केंद्र
विवाद की जड़ फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा है। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा में पेपर लीक हुआ, जबकि राज्य सरकार इस दावे को लगातार खारिज कर रही है।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का कहना है कि यह मामला पेपर लीक का नहीं, बल्कि हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल करने का है। सरकार का दावा है कि प्रश्नपत्र सुरक्षित था और कुछ अभ्यर्थियों ने तकनीकी माध्यमों से परीक्षा में धोखाधड़ी करने की कोशिश की।

CBI जांच की मांग तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने CBI जांच की मांग तेज कर दी है। ABVP के अलावा भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD) भी सरकार को घेर रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में पंजाब में कई भर्ती परीक्षाओं को लेकर सवाल उठे हैं और सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रही है।
पुलिस ने नकल गिरोह का किया था खुलासा
गौरतलब है कि 19 जुलाई को पंजाब पुलिस ने फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा के दौरान सक्रिय एक अंतर-राज्यीय नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने इस मामले में 11 गिरोह सदस्यों और 10 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था।
इसी कार्रवाई के बाद परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे और विपक्ष ने इसे पेपर लीक का मामला बताते हुए सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
सरकार का दावा- पेपर लीक नहीं हुआ
आम आदमी पार्टी का कहना है कि उसके कार्यकाल में एक भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ। पार्टी का आरोप है कि विपक्ष जनता को भ्रमित करने और राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस मामले को पेपर लीक का रूप दे रहा है।
सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
पंजाब में भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक और छात्र आंदोलन का रूप ले लिया है। एक ओर सरकार इसे हाईटेक नकल का मामला बता रही है, वहीं विपक्ष और छात्र संगठन इसे पेपर लीक करार देकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।

