राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को शनिवार को पुणे में लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। पुरस्कार ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में डोभाल ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील
डोभाल ने कहा कि आज के युवाओं को छोटे और व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर केवल देश के हित में काम करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना है तो हर नागरिक को इसे अपनी जिम्मेदारी मानना होगा।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को कर्तव्य, त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए और अल्पकालिक लाभों की बजाय दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
“भारत के पास इतिहास बदलने का अवसर”
अपने संबोधन में डोभाल ने कहा कि भारत इस समय इतिहास के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और देश के पास आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर है।
उन्होंने कहा कि यह मौका गंवाया नहीं जाना चाहिए और वर्तमान समय में सबसे बड़ी प्राथमिकता देश का निर्माण होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत इस दिशा में सफल होगा और अपने इतिहास में नया अध्याय लिखेगा।

स्वतंत्रता का सही अर्थ समझने की जरूरत
डोभाल ने कहा कि आज के कई युवा यह मान लेते हैं कि भारत हमेशा से स्वतंत्र और मजबूत रहा है, जबकि स्वतंत्रता अनगिनत बलिदानों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। युवाओं को उन स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद रखना चाहिए जिन्होंने देश को आजादी दिलाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
लोकमान्य तिलक के योगदान को किया याद
डोभाल ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक और विचारक बताया। उन्होंने प्लेग महामारी के दौरान तिलक के साहस और सेवा भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत दुख के बावजूद समाज की सेवा का रास्ता नहीं छोड़ा।
उन्होंने कहा कि तिलक ने देशवासियों में आत्मविश्वास और राष्ट्रीय चेतना जगाने का काम किया और “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” का संदेश देकर पूरे देश को प्रेरित किया।
अधिकारों के साथ कर्तव्यों पर भी दिया जोर
NSA डोभाल ने कहा कि आज लोग अपने अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन कर्तव्यों को अक्सर भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारों का सही उपयोग तभी संभव है जब नागरिक अपने दायित्वों को भी पूरी ईमानदारी से निभाएं।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके साथ काम करने का अवसर मिला और देश के प्रति उनका स्पष्ट दृष्टिकोण प्रेरणादायक है।

