कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में CWC की बैठक की अध्यक्षता की। संसद सत्र के बाद हुई इस बैठक में उन्होंने युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राम मंदिर से जुड़े चंदे और चीन सीमा के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। साथ ही आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर भी जोर दिया।
युवाओं के भविष्य को बताया सबसे बड़ी चिंता
CWC को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि आज कांग्रेस की सामूहिक चिंता का सबसे बड़ा विषय युवा हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, लेकिन सरकार की नीतियों के कारण युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
खरगे ने शिक्षा और रोजगार को युवाओं की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए कहा कि कांग्रेस को उनके लिए स्पष्ट और समयबद्ध Education-to-Employment Roadmap तैयार करना चाहिए।
राजीव गांधी की नीतियों का किया जिक्र
खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने युवाओं को नीति निर्माण के केंद्र में रखा था। उनके अनुसार, मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष करना, नवोदय विद्यालयों का विस्तार और कौशल विकास से शिक्षा को जोड़ना उसी सोच का हिस्सा था।

उन्होंने UPA सरकार के दौरान शिक्षा के अधिकार और उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार को भी कांग्रेस की उपलब्धियों के तौर पर गिनाया।
94 हजार स्कूल बंद होने का दावा
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में नए स्कूल खुलने के बजाय 94 हजार स्कूल बंद हुए हैं और उच्च शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है।
खरगे ने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित घोटालों और नियुक्तियों में देरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और कमजोर वर्ग के छात्रों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं में पैदा हुआ आक्रोश अचानक नहीं आया, बल्कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का परिणाम है।
राम मंदिर के चंदे को लेकर सरकार पर निशाना
CWC बैठक में खरगे ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे और कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि मंदिर के लिए कितना चढ़ावा, सोना-चांदी और अन्य सामग्री मिली तथा उसका पूरा लेखा-जोखा क्या है।
खरगे ने सरकार से इस मामले में जवाब देने की मांग की। हालांकि, उनके आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब इस बयान में सामने नहीं आया है।
चीन सीमा के मुद्दे पर मांगी स्पष्ट जानकारी
राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर खरगे ने चीन के साथ सीमा विवाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन सीमा की वास्तविक स्थिति को लेकर देश को जानकारी मिलनी चाहिए।
उन्होंने गलवान झड़प के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयान का संदर्भ देते हुए सरकार से सीमा से जुड़े सवालों पर स्पष्टता की मांग की। साथ ही उन्होंने भारतीय सैनिकों के साहस और भूमिका की सराहना की।
पांच राज्यों के चुनावों पर भी फोकस
बैठक के अंत में खरगे ने कहा कि कांग्रेस को केवल सरकार पर सवाल उठाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश के सामने ठोस विकल्प, नीति और समाधान भी रखने होंगे।
उन्होंने बताया कि पार्टी के सामने तत्काल पांच राज्यों के चुनाव हैं और उनकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में CWC की बैठक को कांग्रेस की आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

