पुणे जिले के लोहगढ़ में कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या का मामला अब महाराष्ट्र विधानसभा तक पहुंच गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक सुनील शेलके ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए मामले की गंभीर जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह केवल हत्या का मामला नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का उदाहरण है।
SIT जांच के निर्देश, फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मांग
बहस के दौरान बीजेपी विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग रखी। इसके बाद कार्यवाहक अध्यक्ष राजू खरे ने सरकार को एसआईटी गठन के निर्देश दिए। साथ ही विधायक सुनील शेलके ने मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सकेगा।
गोयल परिवार की भूमिका की भी जांच की मांग
सुनील शेलके ने सदन में दावा किया कि सिया गोयल के परिवार ने अग्रवाल परिवार से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई थी। उनका आरोप था कि सिया के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने की बात विवाह से पहले नहीं बताई गई। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच हो और यदि जरूरत पड़े तो गोयल परिवार के सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जाए।

पुलिस जांच की सराहना, हादसे से हत्या तक का खुलासा
विधायक ने पुणे ग्रामीण पुलिस और जांच टीम की सराहना करते हुए कहा कि शुरुआत में इस घटना को दुर्घटना बताया गया था, लेकिन कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इसे हत्या की साजिश साबित किया। उन्होंने कहा कि यह जांच पेशेवर और तथ्य आधारित रही है।
सदन में अधिकारों को लेकर भी छिड़ी बहस
एसआईटी गठन के निर्देश के बाद शिवसेना (UBT) विधायक भास्कर जाधव ने सवाल उठाया कि क्या कार्यवाहक अध्यक्ष के पास ऐसे निर्देश देने का अधिकार है। इस पर स्पष्ट किया गया कि अंतिम फैसला विधानसभा अध्यक्ष के स्तर पर लिया जाएगा। वहीं, बीजेपी विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि विधानसभा और विधान परिषद के नियम अलग-अलग हैं और प्रक्रिया उसी के अनुसार आगे बढ़ेगी।

