पटना लौटने के बाद बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों के साथ संवाद कार्यक्रम में प्रशांत किशोर ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपराधी घोषित करने का अधिकार सरकार या पुलिस के पास नहीं है। उनके अनुसार, यह फैसला केवल संविधान और न्यायपालिका के दायरे में होना चाहिए।
‘पानी-बिजली की लड़ाई लड़ रहा था भरत’
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि भरत तिवारी अपने गांव के बिंद समाज के लगभग 80 परिवारों के लिए पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन से विवाद के बाद उन्हें घर से बाहर निकालकर गोली मार दी गई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
‘अपराधी कौन है, यह संविधान तय करेगा’
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अपराधियों पर सख्त कार्रवाई वाले बयान का जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि अपराधी कौन है, इसका फैसला न तो मुख्यमंत्री करेंगे और न ही कोई थाना प्रभारी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह जिम्मेदारी अदालत और संविधान की है। यदि यह अधिकार सत्ता के हाथों में चला गया तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा।

बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बीजेपी पर निशाना
प्रशांत किशोर ने लोगों से आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में सोच-समझकर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था में बदलाव चाहिए तो जनता को मतदान के जरिए अपना संदेश देना होगा। उन्होंने लोगों से ईवीएम पर बीजेपी के खिलाफ वोट देने की अपील करते हुए कहा कि तभी सरकार जनता की आवाज सुनने के लिए मजबूर होगी।
जन सुराज की चुनावी तैयारी तेज
प्रशांत किशोर ने यह भी स्पष्ट किया कि जन सुराज पार्टी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। पिछले कुछ दिनों से वह लगातार जनसभाओं और संवाद कार्यक्रमों के जरिए सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेर रहे हैं। भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला भी उनकी चुनावी रणनीति का प्रमुख मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है।
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार की राजनीति लगातार गरमाई हुई है। एक ओर विपक्ष निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर सरकार कानून-व्यवस्था पर अपने रुख को सही बता रही है। आने वाले दिनों में न्यायिक जांच और बांकीपुर उपचुनाव, दोनों इस मुद्दे को और राजनीतिक रूप से अहम बना सकते हैं।

