मेटल सेक्टर की प्रमुख कंपनी Hindalco Industries के शेयरों में शुक्रवार को तेज गिरावट देखी गई। सुबह 10:17 बजे BSE पर कंपनी के शेयर 906.75 रुपये पर कारोबार कर रहे थे, जो पिछले बंद भाव 964.30 रुपये से लगभग 5.97 प्रतिशत कम है। इस गिरावट के साथ ही कंपनी का मार्केट कैप 2.03 लाख करोड़ रुपये तक लुढ़क गया। निवेशकों में बेचैनी का मुख्य कारण दिसंबर तिमाही के नतीजे और कंपनी की लाभप्रदता में कमी को माना जा रहा है।
Q3 FY26: मुनाफे में 45 प्रतिशत की गिरावट
कारोबारी साल 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में Hindalco Industries का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट 2049 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 3735 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। यानी कि मुनाफे में 45 प्रतिशत की भारी गिरावट हुई है। कंपनी ने बताया कि इस गिरावट का मुख्य कारण न्यूयॉर्क स्थित ओस्वेगो प्लांट में आई रुकावट और इसके चलते 2610 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को माना गया। इस घटना ने अल्युमिनियम और कॉपर बिजनेस पर अस्थायी दबाव डाला।

ऑपरेशन्स में मजबूती और EBITDA में बढ़ोतरी
हालांकि मुनाफे में गिरावट आई, Hindalco के ऑपरेशन्स में मजबूत वृद्धि देखी गई। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14 प्रतिशत बढ़कर 66521 करोड़ रुपये हो गया। एल्युमिनियम अपस्ट्रीम सेगमेंट ने 4832 करोड़ रुपये का EBITDA दर्ज किया, जो साल-दर-साल 14 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। इसके पीछे घरेलू मांग का मजबूत समर्थन रहा। कंपनी के इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के अनुसार, हालांकि ओस्वेगो प्लांट की रुकावट ने कुछ प्रभाव डाला, लेकिन भारत में ऑपरेशन सामान्य और स्थिर रहे।
शेयरों में तेजी की संभावना, JM Financial ने दी ‘Buy’ रेटिंग
ब्रोकरेज फर्म JM Financial ने बताया कि हिंडाल्को के शेयरों में लंबी अवधि में तेजी की संभावना है। उन्होंने स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग जारी रखते हुए 12 महीने का प्राइस टारगेट 1120 रुपये तय किया है। मौजूदा लेवल 906.75 रुपये से इसे लगभग 23.5 प्रतिशत की बढ़त की संभावना दिखाई दे रही है। ब्रोकरेज का मानना है कि ओस्वेगो में आग लगने के कारण अल्पकालिक नुकसान हुआ, लेकिन भारत में ऑपरेशन और घरेलू मांग से कंपनी मजबूत बनी हुई है।

