back to top
Monday, April 20, 2026
Homeव्यापारमारुति सुजुकी का मार्केट शेयर गिरा सबसे निचले स्तर पर मचा हड़कंप

मारुति सुजुकी का मार्केट शेयर गिरा सबसे निचले स्तर पर मचा हड़कंप

भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में लंबे समय तक दबदबा बनाए रखने वाली मारुति सुजुकी अब गंभीर दबाव का सामना कर रही है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का मार्केट शेयर गिरकर 39.26 प्रतिशत पर आ गया है जो पिछले 13 वर्षों में सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। कभी देश के पैसेंजर व्हीकल बाजार में लगभग आधी हिस्सेदारी रखने वाली यह कंपनी अब लगातार तीसरे वर्ष गिरावट दर्ज कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते बाजार ट्रेंड और नई प्रतिस्पर्धा ने कंपनी की स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। भारत का ऑटो सेक्टर अब पहले से कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी हो गया है और कंपनियों के बीच तकनीक और सेगमेंट दोनों में कड़ी टक्कर देखी जा रही है।

SUV बूम के बीच मारुति की कमजोर पकड़ बनी सबसे बड़ी चुनौती

भारतीय बाजार में SUV वाहनों की मांग तेजी से बढ़ी है और यह अब कुल पैसेंजर व्हीकल मार्केट का लगभग 67 प्रतिशत हिस्सा बन चुका है। इसी ट्रेंड में मारुति सुजुकी अपेक्षाकृत कमजोर नजर आई है क्योंकि इस सेगमेंट में कंपनी की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से भी कम रह गई है। हालांकि कंपनी ने जिम्नी और ग्रैंड विटारा जैसे मॉडल लॉन्च किए हैं, लेकिन ये मॉडल प्रतिस्पर्धियों की तुलना में उतना मजबूत प्रभाव नहीं छोड़ पाए। SUV सेगमेंट में ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है और इस बदलाव का सीधा असर मारुति के पारंपरिक मॉडल पोर्टफोलियो पर पड़ा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यह ट्रेंड आगे भी कंपनी के लिए चुनौती बना रह सकता है यदि वह SUV लाइनअप को और मजबूत नहीं करती।

मारुति सुजुकी का मार्केट शेयर गिरा सबसे निचले स्तर पर मचा हड़कंप

छोटी कारों पर निर्भरता और प्रतिस्पर्धियों का बढ़ता दबाव

मारुति सुजुकी अब भी वैगन आर, स्विफ्ट और बलेनो जैसी छोटी कारों पर अधिक निर्भर है जो कंपनी की रीढ़ मानी जाती हैं। इस सेगमेंट में कंपनी की मजबूत पकड़ लगभग 67 प्रतिशत बनी हुई है, लेकिन समस्या यह है कि यह सेगमेंट अब धीमी गति से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 में छोटी कारों की ग्रोथ 2 प्रतिशत से भी कम रही जबकि SUV सेगमेंट ने 11 प्रतिशत की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की। दूसरी ओर महिंद्रा और टाटा मोटर्स ने SUV सेगमेंट में आक्रामक रणनीति अपनाकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। महिंद्रा का मार्केट शेयर बढ़कर 14.21 प्रतिशत हो गया है जबकि टाटा मोटर्स लगभग 13 प्रतिशत के करीब पहुंच चुकी है।

ब्रांड इमेज तकनीक और रणनीति पर सवालों के घेरे में मारुति

विशेषज्ञों का मानना है कि मारुति सुजुकी के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी ब्रांड इमेज और प्रोडक्ट स्ट्रैटेजी है। कंपनी के पास डीजल वाहनों का पोर्टफोलियो नहीं है जबकि बाजार में अभी भी लगभग 20 प्रतिशत मांग डीजल वाहनों की बनी हुई है। इसके अलावा टोयोटा के साथ साझेदारी भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई है क्योंकि कई बार टोयोटा के री बैज्ड मॉडल मारुति के अपने मॉडल्स से बेहतर प्रदर्शन करते नजर आए हैं। इससे कंपनी की प्रीमियम पोजिशनिंग पर असर पड़ा है। हालांकि मारुति सुजुकी ने FY31 तक फिर से 50 प्रतिशत मार्केट शेयर हासिल करने का लक्ष्य रखा है लेकिन मौजूदा बाजार रुझानों को देखते हुए यह लक्ष्य बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments