टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सिकंदर रजा की कप्तानी में जिम्बाब्वे ने शानदार प्रदर्शन किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए 19वें मैच में जिम्बाब्वे ने 23 रनों से जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया। इस जीत के साथ ही जिम्बाब्वे की सुपर-8 में पहुंचने की उम्मीदें और प्रबल हो गई हैं। मैच में ऑस्ट्रेलिया की टीम बल्लेबाजी में पूरी तरह फ्लॉप रही और पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई।
टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों की नाकामी ने बढ़ाई दबाव
जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 169 रन बनाए थे। जब ऑस्ट्रेलिया का टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी करने आया, तो 29 रन के स्कोर तक टीम के चार विकेट गिर चुके थे। जोश इंग्लिश ने केवल 8 रन, कप्तान ट्रेविस हेड ने 17 रन बनाए, जबकि कैमरून ग्रीन और टिम डेविड तो बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। केवल मैट रेनशॉ ने 65 रन बनाए, लेकिन टॉप ऑर्डर की यह असफलता टीम को कभी संभाल नहीं सकी।

जिम्बाब्वे का काउंटर अटैक बना जीत की कुंजी
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी। कोलंबो की पिच पर चेज करना कोई मुश्किल निर्णय नहीं था, लेकिन जिम्बाब्वे के सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट और ताडिवानाशे मरुमानी ने काउंटर अटैक करके अपनी टीम को शानदार शुरुआत दी। दोनों ने 61 रनों की सलामी साझेदारी की। इसके बाद रायन बर्ल ने 35 रन बनाकर टीम को और मजबूती दी। इस सधी हुई शुरुआत ने जिम्बाब्वे को ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाने में मदद की।
जिम्मेदारी न संभाल पाने से ऑस्ट्रेलिया की पारी ढह गई
29 रन पर चार विकेट गिरने के बाद ग्लेन मैक्सवेल और मैट रेनशॉ ने टीम को संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 77 रनों की साझेदारी हुई, लेकिन 15वें ओवर में मैक्सवेल 31 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद रेनशॉ और मार्कस स्टोइनिस को टीम की बागडोर संभालनी थी, लेकिन कोई भी जिम्मेदारी नहीं ले पाया। लगातार विकेट गिरने से ऑस्ट्रेलिया की पूरी पारी ढह गई और टीम 146 रन पर ऑलआउट हो गई।

