मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास पर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद मंगलवार को गंगाजल से शुद्धिकरण कराया गया। अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा की ओर से कलश यात्रा निकाली गई और सुंदरकांड का पाठ किया गया। ज्ञानेश कुमार के माता-पिता भी इस दौरान मौजूद रहे।
28 सितंबर को हुआ था कांग्रेस का प्रदर्शन
आगरा के विजय नगर स्थित ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान घर के मुख्य गेट और बाहरी दीवार पर ‘वोट चोर’ और ‘गद्दार’ जैसे शब्द लिखे गए थे। कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध जता रहे थे।
पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था। दो प्रमुख कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी की भी पुष्टि हुई थी, जबकि बाद में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों को अदालत से जमानत मिलने के बाद रिहा कर दिया गया।
वैश्य समाज ने निकाली कलश यात्रा
प्रदर्शन के बाद मंगलवार को अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा की ओर से राधा-कृष्ण मंदिर से ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास तक कलश यात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में महिलाएं इसमें शामिल हुईं।
आवास पर पहुंचने के बाद गंगाजल का छिड़काव किया गया और सुंदरकांड का पाठ किया गया। शंखनाद और धार्मिक अनुष्ठान के जरिए परिवार के स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की गई।
आयोजकों ने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज को लेकर आपत्ति है तो वह उनके सार्वजनिक या राजनीतिक कार्यालयों के सामने विरोध करे, लेकिन बुजुर्ग माता-पिता के पैतृक आवास पर प्रदर्शन करना उचित नहीं है।

पिता सुबोध गुप्ता बोले- परिवार हुआ आहत
ज्ञानेश कुमार के पिता सुबोध कुमार गुप्ता ने प्रदर्शन की घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार देश सेवा के प्रति समर्पित रहा है और उनके बेटे को लेकर विरोध प्रदर्शन के लिए पैतृक घर को निशाना बनाया जाना उचित नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि घटना से परिवार की छवि प्रभावित हुई।
SIR को लेकर उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया इस उद्देश्य से होनी चाहिए कि मतदाता सूची की वास्तविक स्थिति सामने आए और पात्र लोगों को मतदान का अधिकार मिल सके। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि दक्षिण भारत में चुनावी प्रक्रिया को लेकर जीत हासिल करने वाली पार्टियां वहां इसी तरह की प्रक्रिया पर आपत्ति नहीं जतातीं। यह उनके व्यक्तिगत बयान के रूप में सामने आया है।
मां सत्यवती ने भी जताई नाराजगी
ज्ञानेश कुमार की मां सत्यवती देवी ने कहा कि उनके घर के बाहर जिस तरह का माहौल बनाया गया, उससे वह आहत हुईं। उन्होंने बताया कि इसी वजह से धार्मिक आयोजन और घर के शुद्धिकरण का कार्यक्रम कराया गया।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के जरिए परिवार और उन लोगों, दोनों के लिए सद्बुद्धि की कामना की गई जिन्होंने उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया था।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल लगातार SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। वहीं चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित करने की प्रक्रिया के रूप में देखता है।
आगरा में हुआ यह विवाद इसी व्यापक राजनीतिक टकराव का हिस्सा है। एक ओर विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर ज्ञानेश कुमार के परिवार और स्थानीय संगठनों ने पैतृक आवास पर हुए प्रदर्शन के तरीके पर आपत्ति जताई है।
घर पर प्रदर्शन को लेकर उठे सवाल
किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के फैसलों के खिलाफ राजनीतिक विरोध और उनके निजी या पैतृक आवास पर प्रदर्शन के बीच अंतर को लेकर भी बहस तेज हुई है। आगरा की घटना में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की, जबकि बाद में स्थानीय सामाजिक संगठन ने धार्मिक कार्यक्रम के जरिए विरोध जताया।
अब यह मामला केवल SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक विरोध के तरीके और सार्वजनिक पदाधिकारियों के परिवारों को इससे अलग रखने की बहस से भी जुड़ गया है।
ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास पर कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद गंगाजल से शुद्धिकरण और सुंदरकांड पाठ किया गया। उनके माता-पिता ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध के लिए उनके घर को निशाना बनाना उचित नहीं है। वहीं SIR को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार जारी है।

