दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच महिला प्रदर्शनकारियों से कथित मारपीट के दावों पर दिल्ली पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया है। नई दिल्ली DCP ने सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को बेबुनियाद और गुमराह करने वाला बताते हुए कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों को महिला पुलिसकर्मी ही संभालती हैं।
दिल्ली पुलिस ने दावों को बताया भ्रामक
नई दिल्ली DCP की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के दावों को खारिज किया गया। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर अलग-अलग फोटो और वीडियो के आधार पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इनमें से कुछ दावे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाते।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसके तथ्यों की पुष्टि करें।
महिला प्रदर्शनकारियों को महिला पुलिसकर्मी संभालती हैं
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों को महिला पुलिसकर्मी ही संभालती हैं। पुलिस ने कहा कि उनके साथ सम्मानजनक और उचित व्यवहार सुनिश्चित किया जाता है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेने और फिर रिहा करने की प्रक्रिया लागू कानूनों और निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाती है।
पुरुष प्रदर्शनकारियों को भी तय समय में रिहा करने का दावा
पुलिस ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि हिरासत में लिए गए पुरुष प्रदर्शनकारियों को भी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर रिहा किया गया था।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि इसके विपरीत किए जा रहे दावों में तथ्यात्मक सच्चाई नहीं है। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कंटेंट को बिना सत्यापन के साझा नहीं करने की अपील की है।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। प्रदर्शनकारी संगठन CJP ने SIR में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। उनके मुताबिक, अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर से समर्थक दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे।

SIR को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष आमने-सामने
SIR को लेकर विपक्षी दल भी चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रियाओं का बचाव किया है। ऐसे में मतदाता सूची, SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है।
दिल्ली में प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो और तस्वीरों ने भी विवाद को बढ़ाया है। पुलिस का कहना है कि वायरल दावों का आकलन तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर किया जाना चाहिए।
महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट के दावों पर दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि महिला प्रदर्शनकारियों को महिला पुलिसकर्मी ही संभालती हैं और हिरासत की प्रक्रिया कानून के मुताबिक होती है। दूसरी ओर, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी सियासी और प्रशासनिक हलचल बनी हुई है।

