आज के समय में सिर्फ पैसा कमाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से मैनेज करना भी उतना ही जरूरी है। कई बार लोग बिना प्लानिंग के निवेश कर देते हैं, जिससे उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ता है। इसलिए अपनी इनकम को सही जगह, सही समय पर और संतुलित तरीके से खर्च और निवेश करना जरूरी होता है। फाइनेंशियल प्लानिंग के जरिए न सिर्फ आप अपने वर्तमान खर्चों को नियंत्रित कर सकते हैं, बल्कि भविष्य के लिए भी एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा बना सकते हैं। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए आज कई ऐसे डिजिटल टूल्स और ऐप्स उपलब्ध हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं।
निवेश के लिए लोकप्रिय फ्री फाइनेंस ऐप्स
निवेश के लिए कई ऐसे ऐप्स मौजूद हैं जो यूजर्स को आसान और कम खर्च में निवेश करने की सुविधा देते हैं। Zerodha Coin के जरिए आप बिना किसी कमीशन के डायरेक्ट म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं, जिससे लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिल सकता है। वहीं Groww नए निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय है क्योंकि यह आसान इंटरफेस के साथ डीमैट अकाउंट खोलने और म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सुविधा देता है। इसके अलावा INDmoney एक ऑल-इन-वन प्लेटफॉर्म है जहां आप अपने सभी निवेश, PF और स्टॉक्स को एक ही जगह मैनेज कर सकते हैं और यहां तक कि ग्लोबल मार्केट में भी निवेश कर सकते हैं।

क्रेडिट स्कोर और फाइनेंशियल हेल्थ ट्रैक करने वाले ऐप्स
फाइनेंशियल हेल्थ को समझने के लिए क्रेडिट स्कोर बेहद अहम होता है। OneScore एक ऐसा ऐप है जो बिना किसी विज्ञापन या स्पैम के आपका CIBIL और Experian स्कोर चेक करने की सुविधा देता है और साथ ही उसे सुधारने के सुझाव भी देता है। इसी तरह Paisabazaar भी आपको फ्री में अपडेटेड क्रेडिट स्कोर देखने और विभिन्न लोन व क्रेडिट कार्ड ऑफर्स की तुलना करने का विकल्प देता है। ये ऐप्स आपको अपनी फाइनेंशियल स्थिति को बेहतर समझने और सही निर्णय लेने में मदद करते हैं।
खर्च और बजट मैनेज करने के लिए उपयोगी ऐप्स
खर्चों को ट्रैक करना भी फाइनेंशियल प्लानिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। CRED खासतौर पर क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट और फाइनेंशियल मैनेजमेंट के लिए उपयोग किया जाता है, हालांकि इसके लिए बेहतर क्रेडिट स्कोर जरूरी होता है। इसके अलावा Walnut एक ऐसा ऐप है जो आपके बैंक SMS को पढ़कर खर्चों को कैटेगरी में बांट देता है, जिससे आपको यह समझने में आसानी होती है कि आपका पैसा कहां खर्च हो रहा है। यह ऐप आपके बजट को ऑटोमैटिक तरीके से मैनेज करने और बिल पेमेंट की रिमाइंडर देने में भी मदद करता है।

