पंजाब में आठ जगहों पर CBI की छापेमारी और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के OSD को जारी समन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि CBI की कार्रवाई में कुछ भी नहीं मिला और जांच एजेंसी आखिर में क्लीन चिट देकर जाएगी।
‘CBI बीजेपी की कठपुतली’
धूरी में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का नींव पत्थर रखने से पहले पत्रकारों से बातचीत में भगवंत मान ने CBI की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव से पहले संबंधित राज्यों में CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ हथियार के तौर पर करती है।
मान ने कहा कि पंजाब में CBI की दस्तक इस बात का संकेत है कि राज्य में विधानसभा चुनाव समय पर होने वाले हैं।
‘बीजेपी के पास पंजाब का कोई मुद्दा नहीं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में बीजेपी के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। उन्होंने बीजेपी की नशा विरोधी यात्रा को भी असफल बताया।
मान के मुताबिक, अब बीजेपी पंजाब में राजनीतिक जगह बनाने के लिए उनके करीबियों, रिश्तेदारों, OSD और मंत्रियों को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके लिए ED, CBI और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
OSD के समन पर क्या बोले मान?
मुख्यमंत्री के OSD को CBI की ओर से जारी किए गए समन पर भगवंत मान ने कहा कि नोटिस का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि मंगलवार को पंजाब में कई जगहों पर हुई छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी के हाथ कुछ नहीं लगा।
मान ने कहा कि अंत में CBI क्लीन चिट देकर जाएगी।

‘24 घंटे में कार्रवाई, पुराने मामले लंबित’
भगवंत मान ने CBI की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कई मामले जांच एजेंसी के पास वर्षों से लंबित हैं, लेकिन पंजाब से जुड़े मामले में 24 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू कर दी गई।
उन्होंने दावा किया कि CBI में कई मामले 20-20 वर्षों से लंबित हैं और उन पर कार्रवाई नहीं हो रही। वहीं, पंजाब के मामले में इतनी तेजी से कार्रवाई होने पर उन्होंने सवाल खड़े किए।
चुनाव से पहले सियासी टकराव तेज
मान ने आरोप लगाया कि बीजेपी दबाव बनाकर पंजाब में सत्ता हासिल करना चाहती है, लेकिन पंजाब के लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसके बावजूद CBI की कार्रवाई तेजी से हुई।
मुख्यमंत्री के इन आरोपों के बाद पंजाब की राजनीति में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई एक बार फिर बड़ा मुद्दा बन गई है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि CBI की जांच आगे किस दिशा में जाती है और मुख्यमंत्री के OSD के समन पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

