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Thursday, October 15, 2026
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मोबाइल से आगे, अब स्मार्ट दुनिया! इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में AI कारों, रोबोटिक्स और 5G का नया दौर

मोबाइल फोन और इंटरनेट की दुनिया अब सिर्फ कॉलिंग, मैसेजिंग और सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में कनेक्टेड कारों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और 5G तकनीक के जरिए भविष्य की स्मार्ट दुनिया की झलक देखने को मिली। ऐसी तकनीकें ट्रैफिक, खेती, कारोबार और फैक्ट्रियों में काम करने के तरीकों को बदल सकती हैं। हालांकि, इनके साथ रोजगार, डेटा सुरक्षा और डिजिटल पहुंच जैसी चुनौतियां भी जुड़ी हैं।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में क्या रहा खास?

दिल्ली के यशोभूमि में 7 से 10 अक्टूबर तक आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 का यह 10वां संस्करण था। इस बार कार्यक्रम की थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ रखी गई। इसमें स्मार्ट मोबिलिटी, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाईटेक स्टेडियम जैसी तकनीकों पर फोकस किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य यह दिखाना था कि डिजिटल तकनीक रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज को किस तरह आसान बना सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने मोबाइल तकनीक के जरिए यात्रा, बैंकिंग, शिक्षा और सरकारी सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होने की बात कही।

भारत में 135 करोड़ से ज्यादा मोबाइल यूजर

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुताबिक, भारत में मोबाइल उपयोगकर्ताओं की संख्या 135 करोड़ से अधिक और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 109 करोड़ से ज्यादा है। सरकार के अनुसार, देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में 5.5 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशन चालू हो चुके हैं।

यह डिजिटल नेटवर्क भविष्य की कनेक्टेड तकनीकों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। तेज इंटरनेट के जरिए वाहन, मशीनें और दूसरे उपकरण आपस में जानकारी साझा कर सकेंगे। इससे रियल टाइम डेटा के आधार पर फैसले लेने और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

ट्रैफिक में फंसे तो कार बताएगी रास्ता

कल्पना कीजिए कि आपकी कार को आगे सड़क पर जाम या दुर्घटना की जानकारी मिल जाए और वह समय रहते दूसरा रास्ता सुझा दे। कनेक्टेड कारों की तकनीक इसी तरह के अनुभव को संभव बनाने की दिशा में काम कर रही है।

व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन के जरिए वाहन एक-दूसरे को अचानक ब्रेक लगाने, संभावित टक्कर या सड़क पर खतरे की जानकारी दे सकते हैं। इससे ड्राइवर को समय रहते सतर्क होने में मदद मिल सकती है।

मोबाइल से आगे, अब स्मार्ट दुनिया! इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में AI कारों, रोबोटिक्स और 5G का नया दौर

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अगस्त 2026 में V2V कम्युनिकेशन लागू करने के लिए नियमों का मसौदा जारी किया था। हालांकि, ऐसी तकनीक का वास्तविक फायदा उसके व्यापक इस्तेमाल, नेटवर्क की विश्वसनीयता और सुरक्षा मानकों पर निर्भर करेगा।

AI और रोबोटिक्स बदलेंगे काम करने का तरीका

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट सेंसर अब उद्योगों में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इनकी मदद से मशीनों में संभावित खराबी का पहले पता लगाया जा सकता है। इससे उत्पादन में रुकावट कम करने, गुणवत्ता सुधारने और काम की रफ्तार बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

JATO Dynamics के मुताबिक, जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच बिकने वाली नई गाड़ियों में 27.4 प्रतिशत कनेक्टेड थीं। यह आंकड़ा वाहनों में कनेक्टिविटी के बढ़ते इस्तेमाल की ओर इशारा करता है।

हालांकि, AI के विस्तार से नौकरियों पर भी असर पड़ सकता है। नियमित और दोहराए जाने वाले कुछ काम ऑटोमेट हो सकते हैं, जबकि रोबोट संचालन, प्रोग्रामिंग, तकनीकी रखरखाव और AI सिस्टम मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो सकते हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं कि प्रभावित होने वाली हर नौकरी की जगह नया रोजगार उपलब्ध हो जाए।

छोटे शहरों और गांवों में AI की संभावनाएं

AI का इस्तेमाल केवल बड़े शहरों या बड़ी कंपनियों तक सीमित रखने के बजाय छोटे शहरों और गांवों तक पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है। AI विशेषज्ञ अभिषेक निगम के मुताबिक, कंपनियों को नई तकनीक अपनाने के साथ कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने में भी निवेश करना चाहिए।

स्थानीय भाषाओं में किफायती AI सेवाएं उपलब्ध होने से किसानों को फसल संबंधी जानकारी लेने, छोटे कारोबारियों को नए ग्राहकों तक पहुंचने और युवाओं को डिजिटल कौशल सीखने में मदद मिल सकती है।

इसके लिए आसान डिजिटल टूल्स, भरोसेमंद इंटरनेट और व्यावहारिक प्रशिक्षण की जरूरत होगी। तकनीक का लाभ तभी व्यापक होगा, जब लोग उसे अपनी जरूरतों के अनुसार इस्तेमाल कर सकें।

स्मार्ट दुनिया के साथ डेटा सुरक्षा की चुनौती

जैसे-जैसे कारें, मोबाइल और मशीनें नेटवर्क से जुड़ेंगी, वैसे-वैसे डेटा सुरक्षा का महत्व भी बढ़ेगा। वाहनों की लोकेशन, लोगों की निजी जानकारी और मशीनों से जुड़े डेटा का गलत इस्तेमाल रोकना जरूरी होगा।

इसके अलावा नेटवर्क में खराबी या साइबर हमले जैसी स्थितियों से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी होनी चाहिए। तकनीक पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता होने पर छोटी गड़बड़ी भी बड़े स्तर पर सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।

क्या तकनीक सच में जिंदगी आसान बनाएगी?

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में सामने आई तकनीकों की दिशा बताती है कि डिजिटल बदलाव अब मोबाइल स्क्रीन से आगे बढ़कर सड़कों, उद्योगों, खेती और रोजमर्रा की सेवाओं तक पहुंच रहा है।

लेकिन स्मार्ट दुनिया की सफलता केवल नई मशीनें बनाने से तय नहीं होगी। इसके लिए रोजगार से जुड़े कौशल, डेटा सुरक्षा, किफायती सेवाएं और तकनीक तक समान पहुंच भी जरूरी हैं। अगर इन पहलुओं पर ध्यान दिया गया, तो AI, रोबोटिक्स और 5G लोगों के काम को आसान बनाने और विकास के नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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