बिहार कौशल विकास मिशन से जुड़े KYP केंद्र संचालक सोमवार को अपनी मांगों को लेकर पटना में नियोजन भवन पहुंचे. वे भवन का घेराव कर विरोध दर्ज कराना चाहते थे. प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल ने उन्हें समझाने का प्रयास किया. इसके बाद पुलिस ने नारेबाजी कर रहे संचालकों को वहां से हटा दिया. संचालक केंद्रों का संचालन दोबारा शुरू करने की मांग पर अड़े हैं.1731 पुराने केंद्रों को खोलने की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य में पहले संचालित 1731 KYP केंद्रों को फिर से चालू किया जाना चाहिए. उनके मुताबिक, विभागीय स्तर पर बातचीत के दौरान सभी पुराने केंद्रों को चालू रखने का आश्वासन मिला था. इसके बावजूद सभी केंद्रों को शुरू करने के बजाय सीमित केंद्रों के लिए ही अधिसूचना जारी की गई.
केवल 871 केंद्रों के लिए जारी हुई अधिसूचना
केंद्र संचालकों के अनुसार, विभाग ने 871 केंद्रों पर KYP डिजिटल मित्र कार्यक्रम शुरू करने को लेकर अधिसूचना जारी की है. इससे बाकी पुराने केंद्रों के संचालकों के सामने रोजगार और केंद्र संचालन का संकट खड़ा हो गया है. संचालक चाहते हैं कि सभी पूर्व संचालित केंद्रों को दोबारा काम करने का अवसर मिले.
बिहार में कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) के बंद पड़े 1731 केंद्रों को दोबारा खोलने की मांग तेज हो गई है। सोमवार, 12 अक्टूबर को पटना के नियोजन भवन के बाहर 200 से अधिक केंद्र संचालक जुटे और नारेबाजी करते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की। प्रदर्शन शुरू होते ही पुलिस मौके पर पहुंची और संचालकों को समझाने के बाद गेट के पास से हटा दिया। इस विवाद ने केंद्र संचालकों के रोजगार और कौशल प्रशिक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पटना में KYP केंद्र संचालकों का प्रदर्शन
बिहार कौशल विकास मिशन से जुड़े कुशल युवा कार्यक्रम के केंद्र संचालक सोमवार को अपनी मांगों को लेकर पटना स्थित नियोजन भवन पहुंचे। प्रदर्शन में 200 से अधिक संचालकों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
संचालक नियोजन भवन का घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराना चाहते थे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए बंद पड़े पुराने केंद्रों को दोबारा चालू करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि जब तक सभी पुराने केंद्रों के संचालन को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनकी समस्याएं बनी रहेंगी।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गेट से हटाया
नियोजन भवन के बाहर प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन संचालक अपनी मांगों पर अड़े रहे।
इसके बाद पुलिस ने नारेबाजी कर रहे संचालकों को गेट के पास से हटा दिया। इस कार्रवाई के बाद केंद्र संचालकों की मांगों और विभाग के फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
1731 पुराने KYP केंद्र दोबारा खोलने की मांग
प्रदर्शन कर रहे केंद्र संचालकों की प्रमुख मांग है कि राज्य में पहले संचालित सभी 1731 KYP केंद्रों को फिर से शुरू किया जाए। उनका दावा है कि विभागीय स्तर पर बातचीत के दौरान सभी पुराने केंद्रों को चालू रखने का आश्वासन मिला था।
संचालकों का कहना है कि इसके बावजूद सभी केंद्रों को दोबारा शुरू करने के बजाय सीमित संख्या में केंद्रों के लिए ही अधिसूचना जारी की गई। इससे पुराने केंद्रों के संचालकों में नाराजगी है। वे चाहते हैं कि पहले की तरह प्रशिक्षण व्यवस्था और केंद्रों की इंटेक क्षमता बहाल की जाए।

केवल 871 केंद्रों के लिए अधिसूचना जारी होने का दावा
केंद्र संचालकों के मुताबिक, विभाग ने 871 केंद्रों पर KYP डिजिटल मित्र कार्यक्रम शुरू करने के संबंध में अधिसूचना जारी की है। उनका कहना है कि इससे बाकी पुराने केंद्रों के संचालन और संचालकों की आजीविका को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।
संचालकों की मांग है कि केवल कुछ केंद्रों को अवसर देने के बजाय पहले से संचालित सभी केंद्रों को दोबारा काम करने का मौका दिया जाए। हालांकि, विभाग की ओर से केंद्रों की संख्या और चयन की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
रोजगार और कौशल प्रशिक्षण पर असर की चिंता
KYP कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है। ऐसे में बड़ी संख्या में केंद्र बंद रहने से संचालकों के साथ-साथ प्रशिक्षण व्यवस्था पर भी असर पड़ने की चिंता जताई जा रही है।
केंद्र संचालकों का कहना है कि पुरानी व्यवस्था बहाल होने से उन्हें दोबारा काम करने का अवसर मिलेगा। वहीं, कार्यक्रम के भविष्य को लेकर विभाग का निर्णय महत्वपूर्ण रहेगा। अब देखना होगा कि सरकार और बिहार कौशल विकास मिशन संचालकों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।
क्या दोबारा खुलेंगे बंद पड़े केंद्र?
पटना में हुए प्रदर्शन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बिहार में बंद पड़े सभी 1731 KYP केंद्रों को दोबारा शुरू किया जाएगा या 871 केंद्रों तक ही कार्यक्रम सीमित रहेगा।
फिलहाल केंद्र संचालक पुरानी व्यवस्था बहाल करने और इंटेक क्षमता पहले जैसी करने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगों पर विभाग की प्रतिक्रिया और आगे होने वाली बातचीत से ही इस मामले की अगली दिशा तय होगी।

