सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सड़क, अपराध, सरकारी संपत्तियों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बीजेपी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2027 में सत्ता मिलने पर समाजवादी पार्टी गरीबों और सभी वर्गों के सम्मान को प्राथमिकता देगी।
सड़क और एक्सप्रेसवे को लेकर सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की सड़कों और एक्सप्रेसवे की स्थिति पर सवाल उठाते हुए योगी सरकार को घेरा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने दूरबीन, ड्रोन और सैटेलाइट से गड्ढे देखने की बात कही थी, उन्हें अब गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की डिजाइन पर भी सवाल उठाए।
अकबर नगर और जेपी सेंटर पर उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने लखनऊ के अकबर नगर और रिवर फ्रंट का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि अकबर नगर हटाने के बाद जिस रिवर फ्रंट की बात कही गई, वहां नाले पर निर्माण की कोशिश हो रही है। जेपी सेंटर को लेकर उन्होंने सरकार पर इसे बेचने और ठेकेदारों का भुगतान पहले करने का आरोप लगाया।

अपराध और कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला
अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी बीजेपी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे राज्यों के माफिया उत्तर प्रदेश में आकर वारदात कर रहे हैं। गोगी गैंग का जिक्र करते हुए उन्होंने ‘गोगी योगी गैंग’ कहकर सरकार पर राजनीतिक तंज भी कसा।
सरकारी जमीन और संपत्तियों का मुद्दा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने लखनऊ की सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने क्लार्क होटल के पास की जमीन और छतर मंजिल को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि सार्वजनिक संपत्तियों को लेकर सरकार की नीतियों पर जनता को जवाब मिलना चाहिए।
महिलाओं और स्कूलों को लेकर बड़ा दावा
महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा को लेकर भी अखिलेश ने सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं को बस सेवा का इंतजार करना पड़ा। वहीं सरकारी स्कूलों को लेकर उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में 26 हजार स्कूल बंद किए गए हैं। सत्ता में लौटने पर समाजवादी पार्टी इन स्कूलों को फिर खोलने का काम करेगी।
गरीबों और समान सम्मान का वादा
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर सभी वर्गों को समान सम्मान मिलेगा। उनका कहना था कि सरकार में कथित लूट को रोककर उस धन का इस्तेमाल गरीबों के हित में किया जाएगा। उनके बयानों से साफ है कि सपा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सड़क, अपराध, शिक्षा और सामाजिक सम्मान को बड़े राजनीतिक मुद्दों के रूप में सामने रख रही है।
आने वाले समय में इन दावों और आरोपों पर बीजेपी की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। 2027 का चुनाव अभी दूर है, लेकिन सियासी जमीन पर मुद्दों की लड़ाई शुरू हो चुकी है।

