मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने बिहार में आंदोलन तेज करने की तैयारी कर ली है। पार्टी नवंबर तक गांवों, ब्लॉक और जिलों में जनसंपर्क अभियान चलाएगी। संविधान दिवस पर ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम के जरिए मतदाता अधिकारों का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की योजना है।
नवंबर तक चलेगा कांग्रेस का आंदोलन
बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में समीक्षा बैठक के बाद आंदोलन की रूपरेखा बताई। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पार्टी कई चरणों में राज्यव्यापी आंदोलन करेगी। इस अभियान का नाम ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रखा गया है। कांग्रेस इसे गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी में है।
10 से 20 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तर पर मार्च
आंदोलन के दूसरे चरण में 10 से 20 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तर पर मार्च और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाएंगे। पार्टी की कोशिश इस अभियान के जरिए स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद बढ़ाने और अधिक से अधिक मतदाताओं को जोड़ने की है।
गांवों में लगेंगी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ चौपाल
कांग्रेस ने 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक जिला, ब्लॉक और गांव स्तर पर चौपाल आयोजित करने की योजना बनाई है। इन बैठकों में मतदाता सूची से नाम कटने की शिकायत करने वाले लोगों को भी शामिल किया जाएगा। कार्यकर्ता प्रभावित मतदाताओं की समस्याएं सुनेंगे और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को सामने लाएंगे। इससे अभियान को स्थानीय शिकायतों से जोड़ने की कोशिश होगी।

संविधान दिवस पर ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम
आंदोलन के चौथे चरण में संविधान दिवस के अवसर पर ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राजेश राम के मुताबिक, बिहार से हजारों कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे। वहां मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की योजना है। इस कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस अपने अभियान को बिहार से बाहर व्यापक राजनीतिक मंच तक ले जाना चाहती है।
कृष्णा अल्लावरू ने संगठन मजबूत करने पर दिया जोर
बैठक में बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू भी मौजूद रहे। उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की और ब्लॉक से पंचायत स्तर तक पार्टी को मजबूत बनाने पर जोर दिया। बैठक में कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने, संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच तालमेल सुधारने और जनता के साथ लगातार संवाद बनाए रखने पर चर्चा हुई।
मतदाता अधिकारों पर सियासी बहस होगी तेज
कांग्रेस का प्रस्तावित आंदोलन आने वाले हफ्तों में बिहार की राजनीति में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को प्रमुखता दे सकता है। हालांकि, आंदोलन का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि पार्टी स्थानीय शिकायतों को किस तरह सामने लाती है और जनता की कितनी भागीदारी सुनिश्चित कर पाती है। लोकतंत्र में मतदाता सूची की पारदर्शिता और नागरिकों का भरोसा अहम है, इसलिए इन मुद्दों पर तथ्यपरक चर्चा भी उतनी ही जरूरी होगी।

