पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब संगठन को एकजुट करने की कोशिशें तेज होती दिख रही हैं। नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह से पूर्व अध्यक्ष राजा वड़िंग की मुलाकात ने सियासी हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। अमृतसर में होने वाला अगला कार्यक्रम दोनों नेताओं के रिश्तों और पार्टी की नई रणनीति का अहम संकेत दे सकता है।
दिल्ली में हुई दोनों नेताओं की मुलाकात
बुधवार को पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग दिल्ली में परगट सिंह के आवास पर पहुंचे। उन्होंने नए प्रदेश अध्यक्ष को जिम्मेदारी संभालने पर बधाई दी। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई।
मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने और वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश कर रही है।
परगट सिंह ने दिया अमृतसर आने का न्योता
मुलाकात के दौरान परगट सिंह ने राजा वड़िंग को 8 अक्टूबर को अमृतसर आने का न्योता दिया। नए प्रदेश अध्यक्ष अपने पंजाब दौरे की शुरुआत अमृतसर से करने जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान परगट सिंह श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकेंगे और इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।
सचिन पायलट भी रहेंगे मौजूद
अमृतसर कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के भी शामिल होने की बात कही गई है। कांग्रेस की कोशिश है कि नए प्रदेश अध्यक्ष की पहली बड़ी राजनीतिक गतिविधि में पार्टी के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाया जाए।
इससे संगठन में सामूहिक नेतृत्व और आपसी तालमेल का संदेश देने की कोशिश होगी।

वड़िंग की मौजूदगी के सियासी मायने
अध्यक्ष पद से हटने के बाद राजा वड़िंग की परगट सिंह से मुलाकात को पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर इसलिए क्योंकि नेतृत्व परिवर्तन के बाद दोनों नेताओं का साथ नजर आना कांग्रेस के संगठनात्मक संतुलन के लिहाज से अहम होगा।
अगर वड़िंग अमृतसर कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो यह पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद एकजुटता का सार्वजनिक संकेत माना जा सकता है।
2027 से पहले संगठन पर फोकस
पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक पड़ाव होगा। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष के सामने केवल चुनावी रणनीति बनाने की चुनौती नहीं है, बल्कि अलग-अलग स्तर पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की भी जरूरत है।
अमृतसर से शुरू हो रही गतिविधि इसी व्यापक संगठनात्मक तैयारी का हिस्सा दिखाई देती है।
एक मंच पर दिखे तो जाएगा बड़ा संदेश
परगट सिंह, राजा वड़िंग और सचिन पायलट का एक साथ नजर आना पंजाब कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तस्वीर बन सकती है। नेतृत्व परिवर्तन के बाद पार्टी जिस एकजुटता का संदेश देना चाहती है, अमृतसर कार्यक्रम उसके लिए शुरुआती मंच बन सकता है।
2027 की चुनावी तैयारी से पहले कांग्रेस के सामने अब संगठन को साथ रखने और इस एकजुटता को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की चुनौती है।

