साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच यमुनानगर जिला पुलिस ने अक्टूबर को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा माह के रूप में मनाते हुए जागरूकता अभियान शुरू किया है। मंगलवार को साइबर क्राइम थाना पुलिस की टीम ने हिंदू गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल और बस स्टैंड जगाधरी पहुंचकर विद्यार्थियों को ऑनलाइन सुरक्षा के जरूरी उपाय बताए।
विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव की जानकारी
साइबर क्राइम थाना प्रभारी रविंद्र कुमार और पीएसआई खुशबीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के नए तरीकों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान पंपलेट वितरित कर लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बताई गईं।
पुलिस ने विद्यार्थियों को समझाया कि साइबर अपराधी अक्सर फोन कॉल, मैसेज, फर्जी लिंक, निवेश योजनाओं और ऑनलाइन खरीदारी के ऑफर के जरिए लोगों को अपना निशाना बनाते हैं।
बैंक और OTP की जानकारी किसी से साझा न करें
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते से जुड़ी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा डेबिट कार्ड नंबर, OTP, PIN और पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ शेयर नहीं करने की सलाह दी गई।
पुलिस ने कहा कि बैंक या किसी अन्य संस्थान के नाम पर फोन करने वाला व्यक्ति यदि ऐसी जानकारी मांगता है तो सतर्क रहें। किसी भी परिस्थिति में जल्दबाजी में जानकारी साझा न करें।
फर्जी लिंक और निवेश ऑफर से रहें सावधान
जागरूकता अभियान के दौरान इंटरनेट पर आने वाले संदिग्ध लिंक को लेकर भी विद्यार्थियों को सावधान किया गया। पुलिस ने कहा कि आकर्षक निवेश योजनाओं, ऑनलाइन खरीदारी में भारी छूट और इनाम के नाम पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करने से पहले उनकी सत्यता जांच लें।
साइबर ठग लोगों को कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर भी ठगी करते हैं। ऐसे किसी भी ऑफर पर भरोसा करने से पहले संबंधित संस्था की आधिकारिक जानकारी की जांच करना जरूरी है।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है तो उसे घबराने के बजाय तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
पुलिस के अनुसार, ठगी के बाद जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, उतनी ही जल्दी संबंधित लेनदेन पर कार्रवाई की संभावना बढ़ती है। इसलिए पीड़ित को समय गंवाए बिना शिकायत करनी चाहिए।

मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर सिक्योरिटी अपनाएं
एसपी कमलदीप गोयल ने बताया कि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सभी पर्यवेक्षक अधिकारियों और थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
थाना स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। लोगों को मजबूत पासवर्ड रखने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाने और मोबाइल फोन व सॉफ्टवेयर को समय-समय पर अपडेट करने के लिए भी जागरूक किया जाएगा।
महिलाओं, बच्चों और व्यापारियों को भी जोड़ा जाएगा
पुलिस के मुताबिक अभियान केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा। महिलाओं, बच्चों, व्यापारियों और समाज के अन्य वर्गों को भी साइबर सुरक्षा अभियान से जोड़ा जाएगा।
लोगों को सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल, ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत शिकायत करने के बारे में जानकारी दी जाएगी। पुलिस का उद्देश्य जागरूकता के जरिए साइबर ठगी के मामलों को रोकने और लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
डिजिटल लेन-देन और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। बैंकिंग जानकारी, OTP और पासवर्ड किसी से साझा न करना, संदिग्ध लिंक से बचना और ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करना साइबर अपराध से बचने के महत्वपूर्ण कदम हैं।

