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Thursday, October 15, 2026
Homeराजनीतिओवैसी के ऑफर पर अखिलेश का जवाब, सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तस्वीर साफ

ओवैसी के ऑफर पर अखिलेश का जवाब, सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तस्वीर साफ

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर विपक्षी गठबंधन की सियासत में 2 अक्टूबर का दिन अहम रहा। AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सितंबर में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों को गठबंधन में शामिल करने की अपील करते हुए 2 अक्टूबर तक जवाब देने की बात कही थी। अब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मौजूदा गठबंधन के साथ आगे बढ़ने की बात कही है।

ओवैसी ने दिया था 2 अक्टूबर तक का समय

असदुद्दीन ओवैसी ने कानपुर की एक जनसभा में कहा था कि AIMIM उन दलों के साथ गठबंधन के लिए तैयार है, जो उत्तर प्रदेश में बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए साथ आना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी 2 अक्टूबर तक इंतजार करेगी और इसके बाद गठबंधन को लेकर अपना फैसला घोषित करेगी।

ओवैसी की यह पहल मुख्य रूप से सपा और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे को लेकर थी। उन्होंने AIMIM को विपक्षी गठबंधन में शामिल किए जाने की मांग भी रखी थी।

ओवैसी के ऑफर पर अखिलेश का जवाब, सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तस्वीर साफ

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

2 अक्टूबर को लखनऊ में अखिलेश यादव ने कहा कि सपा पहले से मौजूद गठबंधन के साथ ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जिस गठबंधन ने बीजेपी को हराया था, उसे आगे ले जाने का प्रयास किया जाएगा। AIMIM के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर उन्होंने सपा-कांग्रेस और INDIA गठबंधन के साथ आगे बढ़ने की बात कही।

इस बयान से फिलहाल AIMIM और सपा के बीच सीधे गठबंधन की संभावना पर सपा का रुख स्पष्ट हो गया है। हालांकि चुनाव से पहले सीटों के बंटवारे और गठबंधन के अंतिम स्वरूप को लेकर आगे भी राजनीतिक बातचीत जारी रह सकती है।

बीजेपी ने सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना

ओवैसी के प्रस्ताव और अखिलेश यादव के रुख के बीच बीजेपी नेताओं ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जफर इस्लाम ने ओवैसी की राजनीति और उनके गठबंधन प्रस्ताव को लेकर सपा-कांग्रेस पर सवाल उठाए।

बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस, सपा और AIMIM एक ही मतदाता समूह को लेकर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी उत्तर प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाएगी। यह बीजेपी का राजनीतिक दावा है, जिसे चुनाव परिणाम के तौर पर अभी तथ्य नहीं माना जा सकता।

‘प्लान ए और प्लान बी’ का दावा

बीजेपी एमएलसी सुभाष यदुवंश ने भी ओवैसी के प्रस्ताव को लेकर सपा पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सपा के सामने कांग्रेस के साथ गठबंधन उसका ‘प्लान ए’ है, जबकि ओवैसी के साथ संभावित राजनीतिक समीकरण को उन्होंने ‘प्लान बी’ बताया।

यदुवंश ने अखिलेश यादव की पहले की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए थे। हालांकि अब अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से मौजूदा गठबंधन के साथ आगे बढ़ने की बात कह दी है।

यूपी में गठबंधन की राजनीति पर नजर

2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक दलों ने संगठन और गठबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। सपा और कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में साथ चुनाव लड़ चुके हैं। अब अखिलेश यादव ने 2027 में भी मौजूदा गठबंधन को आगे बढ़ाने की बात कही है।

दूसरी ओर, AIMIM उत्तर प्रदेश में अपना संगठन विस्तार कर रही है और कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां बढ़ा चुकी है। ओवैसी ने पहले कहा था कि 2 अक्टूबर के बाद उनकी पार्टी गठबंधन को लेकर अपना फैसला घोषित करेगी।

फिलहाल 2 अक्टूबर के घटनाक्रम से इतना स्पष्ट है कि सपा ने AIMIM के प्रस्ताव के बजाय अपने मौजूदा गठबंधन के साथ आगे बढ़ने का रुख सार्वजनिक किया है। आगे सीट बंटवारे और अन्य विपक्षी दलों की भूमिका से यूपी की गठबंधन राजनीति की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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