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Thursday, October 15, 2026
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दिल्ली में आज से ‘No PUC, No Fuel’ लागू, बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 1 अक्टूबर से सख्ती शुरू हो गई है। अब वैध Pollution Under Control Certificate यानी PUCC के बिना वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने पर रोक है। इसके साथ ही प्रदूषण की निगरानी के लिए हाईटेक कमांड सेंटर और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर भी सरकार ने जोर दिया है।

बिना PUC के नहीं मिलेगा फ्यूल

दिल्ली में 1 अक्टूबर से ‘No PUC, No Fuel’ नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है। यानी जिन वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र वैध नहीं है, उन्हें पेट्रोल, डीजल और अन्य लागू ईंधन की बिक्री पर रोक रहेगी।

दिल्ली सरकार ने इस व्यवस्था को प्रदूषण नियंत्रण की सालभर चलने वाली रणनीति का हिस्सा बताया है। राजधानी के पेट्रोल पंपों पर ANPR यानी Automatic Number Plate Recognition कैमरों के जरिए वाहनों की पहचान और जांच को मजबूत किया जा रहा है।

PUC नहीं है तो हो सकता है 10 हजार का चालान

वाहन मालिकों के लिए वैध PUC रखना पहले से ही अनिवार्य है। दिल्ली में वैध PUCC के बिना वाहन चलाने पर मौजूदा प्रावधानों के तहत 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इलेक्ट्रिक वाहनों को PUC प्रमाणपत्र से छूट है, क्योंकि उनसे टेलपाइप उत्सर्जन नहीं होता।

दिल्ली में बड़ी संख्या में अधिकृत PUC केंद्र मौजूद हैं। वाहन मालिक ईंधन लेने जाने से पहले अपने प्रमाणपत्र की वैधता जरूर जांच सकते हैं।

दिल्ली में आज से ‘No PUC, No Fuel’ लागू, बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

प्रदूषण पर नजर रखेगा हाईटेक ICCC

प्रदूषण के स्रोतों की निगरानी और कार्रवाई को तेज करने के लिए दिल्ली में Integrated Command and Control Centre (ICCC) भी शुरू किया गया है। यह दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति यानी DPCC से जुड़ा निगरानी केंद्र है।

सरकार के मुताबिक, ICCC के जरिए निर्माण स्थलों, खुले में कचरा जलाने और अन्य प्रदूषण स्रोतों पर नजर रखी जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल 707 साइटों की निगरानी की जा रही है और 500 वर्गमीटर से बड़े निर्माण स्थलों पर भी निगरानी की व्यवस्था की गई है।

24 घंटे निगरानी और तुरंत कार्रवाई पर जोर

सरकार का कहना है कि तकनीक के जरिए प्रदूषण से जुड़ी शिकायतों और स्रोतों की पहचान कर संबंधित विभागों तक सूचना पहुंचाई जाएगी। इसका उद्देश्य प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में ग्राउंड लेवल पर तेजी से कार्रवाई करना है।

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण को सिर्फ सर्दियों तक सीमित रखने के बजाय सालभर निगरानी और कार्रवाई की रणनीति पर जोर दिया है।

दिल्ली के लिए ₹1,789.52 करोड़ का ITMS मंजूर

प्रदूषण और ट्रैफिक दोनों से जुड़े दबाव को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली के लिए ₹1,789.52 करोड़ के Intelligent Traffic Management System (ITMS) को मंजूरी दी है।

यह सिस्टम 42 प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर में तीन चरणों में लागू किया जाएगा। परियोजना को 24 महीने में लागू करने की योजना है, जिसके बाद पांच साल तक संचालन और रखरखाव किया जाएगा। इसमें AI आधारित एडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नल, रियल-टाइम ट्रैफिक सूचना और तकनीक आधारित प्रवर्तन शामिल होंगे।

ट्रैफिक सिग्नल भी होंगे स्मार्ट

ITMS का उद्देश्य सड़क पर ट्रैफिक की वास्तविक स्थिति के अनुसार सिग्नल व्यवस्था को एडजस्ट करना है। इससे ट्रैफिक जाम और चौराहों पर अनावश्यक इंतजार कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

परियोजना में 1,092 Adaptive Traffic Control System लोकेशन और 1,029 प्रवर्तन लोकेशन शामिल हैं। सिस्टम के जरिए रेड लाइट, स्टॉप लाइन, ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने, हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे उल्लंघनों की स्वचालित पहचान भी की जा सकेगी।

दिवाली से पहले प्रदूषण पर विशेष नजर

दिल्ली में दिवाली के आसपास प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए सरकार ने लोगों से प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े निर्देशों का पालन करने की अपील की है। सरकार की व्यापक विंटर एक्शन प्लान में वाहनों के अलावा निर्माण गतिविधियों, सड़क की धूल, कचरा जलाने और ट्रैफिक जैसे प्रदूषण स्रोतों पर भी कार्रवाई शामिल है।

यानी इस बार दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए PUC जांच, फ्यूल प्रतिबंध, ANPR कैमरे, हाईटेक मॉनिटरिंग सेंटर और AI आधारित ट्रैफिक सिस्टम जैसे कई उपायों को एक साथ लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।

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