चंडीगढ़ से अगवा कर मोरिंडा में जिंदा जलाए जाने के बाद 52 दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ने वाली 28 वर्षीय मनजीत कौर की कहानी ने नया मोड़ लिया है। पुलिस के मुताबिक, मौत के समय वह करीब सात सप्ताह की गर्भवती थीं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
अपहरण के बाद मोरिंडा में बर्बरता
पुलिस में दर्ज FIR के अनुसार, घटना 3 जुलाई को शुरू हुई थी। आरोप है कि मनजीत कौर को चंडीगढ़ से जबरन कार में बैठाकर मोरिंडा ले जाया गया।
वहां उनके साथ मारपीट की गई और कथित तौर पर उन्हें एक शहतूत के पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई। घटना की जानकारी मिलने पर मनजीत का एक दोस्त मौके पर पहुंचा और कंबल की मदद से आग बुझाई।
अस्पतालों में चली जिंदगी की जंग
गंभीर रूप से झुलसी मनजीत को पहले मोरिंडा के अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें मोहाली के निजी अस्पताल और फिर 9 जुलाई को PGIMER चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया।
करीब 52 दिनों तक इलाज चला। इस दौरान वह लंबे समय तक वेंटिलेटर और बर्न वार्ड में रहीं। 5 अगस्त को कुछ समय के लिए उन्हें होश भी आया, लेकिन शरीर के बड़े हिस्से के जलने और अंदरूनी अंगों में संक्रमण के कारण हालत लगातार बिगड़ती गई।

26 अगस्त को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मौत के बाद सामने आया गर्भावस्था का खुलासा
चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, मनजीत कौर मौत के समय करीब सात सप्ताह की गर्भवती थीं। इस खुलासे ने पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ा दी है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मनजीत तलाकशुदा थीं और उनका सात वर्षीय बेटा भी है, जो अपने पिता के साथ रहता है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों और मनजीत के बीच क्या संबंध थे और वारदात के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
शुभी और पिंडा पर हत्या का केस
मनजीत की मां की शिकायत के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस ने शुभी और पिंडा के खिलाफ अपहरण, हत्या और आपराधिक साजिश सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
दोनों आरोपी घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
CCTV और परिचितों से पूछताछ
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस चंडीगढ़ से मोरिंडा तक के रास्ते में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा मनजीत के परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि अपहरण की योजना कैसे बनी और आरोपियों ने वारदात को किस तरह अंजाम दिया।
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
मनजीत कौर की मौत के साथ एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया, लेकिन इस मामले में कई सवाल अभी अनसुलझे हैं। अपहरण की असली वजह क्या थी? आरोपियों ने इतनी क्रूरता क्यों की? और इस पूरी साजिश में कौन-कौन शामिल था?
इन सवालों के जवाब जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल इस मामले की सबसे बड़ी जरूरत निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है, ताकि मनजीत कौर की मौत महज एक दर्दनाक खबर बनकर न रह जाए।

