रीवा के एक निजी अस्पताल में लिफ्ट हादसे ने मरीज की जान ले ली। इलाज के लिए भर्ती सुरेश सेन की लिफ्ट में फंसने से मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया और सख्त कार्रवाई की मांग की।
इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे सुरेश
रीवा के समान थाना क्षेत्र में शनिवार को दर्दनाक हादसा हुआ। अमरपाटन के लालपुर गांव निवासी सुरेश सेन कुछ दिन पहले पेड़ से गिर गए थे, जिससे उनके कंधे की हड्डी टूट गई थी। शनिवार शाम उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
लिफ्ट में फंस गया मरीज
मृतक के बेटे हिमांशु सेन के मुताबिक, रात में अस्पताल का कर्मचारी उनके पिता को स्ट्रेचर पर लिटाकर लिफ्ट से ऊपर ले जा रहा था। परिजनों को लिफ्ट में साथ आने से रोक दिया गया और सीढ़ियों से जाने को कहा गया। ऊपर पहुंचने पर परिजनों ने सुरेश को लिफ्ट के निचले हिस्से में फंसा देखा।
परिजनों का आरोप है कि मरीज का आधा शरीर लिफ्ट में फंसा था, जबकि अस्पताल कर्मचारी मौके से गायब था। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया लिफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण मरीज की गर्दन फंसने की बात सामने आई है।

पहले भी लिफ्ट में फंसने का दावा
हिमांशु ने दावा किया कि हादसे से करीब 20 मिनट पहले एक लड़की भी इसी लिफ्ट में फंस गई थी। परिजनों का कहना है कि इसके बावजूद लिफ्ट की सुरक्षा व्यवस्था की जांच नहीं की गई। उनका आरोप है कि अगर समय रहते सावधानी बरती जाती तो सुरेश की जान बच सकती थी।
गुस्साए परिजनों ने किया प्रदर्शन
मौत की खबर के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया और अस्पताल बंद करने की मांग की। परिजनों ने चेतावनी दी कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
पुलिस पर भी लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान मृतक के परिजनों ने पुलिस पर अभद्रता और मारपीट के आरोप भी लगाए। उनका दावा है कि कुछ लोगों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उन्हें जमीन पर घसीटा गया। इन आरोपों पर पुलिस की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
सीएसपी राजीव पाठक के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा गया है। पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच के बाद तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल लिफ्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर है। यदि पहले भी कोई व्यक्ति उसमें फंसा था, तो उसके बाद क्या सावधानियां बरती गईं? जांच इसी सवाल का जवाब तलाशेगी और तय करेगी कि इस दर्दनाक मौत के लिए जिम्मेदारी किसकी है।

