समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार की फ्री बस सेवा को लेकर तंज कसा और दावा किया कि उनकी पार्टी के कार्यालय से योजनाओं की जानकारी सरकार तक पहुंच रही है। साथ ही PDA के अलग-अलग अर्थ बताते हुए उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा।
फ्री बस सेवा पर अखिलेश का तंज
उत्तर प्रदेश की राजनीति में योजनाओं को लेकर श्रेय लेने की होड़ एक बार फिर चर्चा में है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार की फ्री बस सेवा पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि उनकी पार्टी के कार्यालय में तैयार हो रही योजनाओं की जानकारी सरकार तक पहुंच रही है। उन्होंने इसे व्यंग्यात्मक अंदाज में रखते हुए कहा कि अब उनके कार्यालय को ‘फुल शील्ड’ करना पड़ेगा।
‘हमारी योजनाएं वहां तक पहुंच जा रही हैं’
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी आने वाले समय के लिए अपने घोषणापत्र में कुछ योजनाओं को शामिल करने पर विचार कर रही थी। उनके मुताबिक, दो सप्ताह पहले इस तरह की योजना पर चर्चा हो रही थी और अब सरकार की ओर से मुफ्त बस सेवा शुरू कर दी गई। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके कार्यालय की जानकारी आखिर सरकार तक कैसे पहुंच रही है।
उनका बयान राजनीतिक गलियारों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच योजनाओं को लेकर जारी प्रतिस्पर्धा की ओर भी इशारा करता है।

PDA को लेकर भी अलग अंदाज
प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव से PDA को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रगतिशील सोच रखने वाली पार्टी है और परिस्थितियों के अनुसार लोगों को जोड़ती है। इसी दौरान उन्होंने PDA के कई मजाकिया अर्थ बताते हुए बीजेपी पर राजनीतिक कटाक्ष किया।
उन्होंने कहा कि PDA का अर्थ ‘प्रोटेस्ट’ भी हो सकता है। इसके अलावा उन्होंने इसे ‘पेट में दर्द’ से जोड़ते हुए कहा कि बीजेपी के लोगों को PDA से पेट में दर्द होता है।
योजनाओं और DBT पर सरकार को घेरा
महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये देने की चर्चा पर बीजेपी की ओर से उठाए गए सवालों का भी अखिलेश ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले भी सीधे लाभ पहुंचाने वाली योजनाएं चला चुकी है। उनके मुताबिक, पिछली सरकार के दौरान 500 रुपये DBT के जरिए लोगों के खातों में भेजे गए थे।
अखिलेश ने यह दावा भी किया कि बैंक खाते खुलवाने के मामले में समाजवादी पार्टी की सरकार ने महत्वपूर्ण काम किया था।
वीडियो विवाद पर भी बोले
स्कूलों में वीडियो बनाए जाने पर रोक से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार और बीजेपी सरकार के दौर के वीडियो की तुलना करने पर दोनों के बीच का अंतर स्पष्ट दिखाई देगा। उनका कहना था कि नीतियों और कार्यशैली का मूल्यांकन तुलना के आधार पर किया जाना चाहिए।
यूपी की सियासत में बढ़ती बयानबाजी
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में सरकार और विपक्ष के बीच योजनाओं, सामाजिक समीकरणों और राजनीतिक नारों को लेकर लगातार बयानबाजी हो रही है। फ्री बस सेवा पर उनका तंज केवल एक योजना पर टिप्पणी नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों और विपक्ष के राजनीतिक एजेंडे के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा का संकेत भी माना जा सकता है। आने वाले दिनों में इस बयान पर बीजेपी की प्रतिक्रिया भी सियासी तापमान बढ़ा सकती है।

