वारिस पंजाब दे के नेता और कार्यकर्ता सांसद अमृतपाल सिंह तथा अन्य बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर मोहाली के गुरुद्वारा अंब साहिब में जुटे हैं। यहां से मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर मार्च की तैयारी की जा रही है, जबकि पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
अंब साहिब गुरुद्वारे में जुटे समर्थक
वारिस पंजाब दे के नेता और कार्यकर्ता मोहाली स्थित गुरुद्वारा अंब साहिब में एकत्र हुए हैं। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास तक मार्च निकालने की तैयारी की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह और उनके साथियों को रिहा किया जाए। साथ ही, आतंकवाद से जुड़े मामलों में लंबे समय से जेल में बंद अन्य सिख कैदियों की रिहाई की भी मांग उठाई जा रही है।

चंडीगढ़ पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
बुडैल जेल चौक सहित कई संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। एंटी-रायट गियर से लैस पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
कौन हैं अमृतपाल सिंह?
अमृतपाल सिंह स्वयं को खालिस्तानी विचारधारा से प्रेरित बताते रहे हैं और उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे जरनैल सिंह भिंडरांवाले से प्रभावित हैं।
उन्हें 23 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी अजनाला पुलिस स्टेशन पर हुई हिंसा के मामले के बाद कई राज्यों में चली तलाश अभियान के उपरांत हुई थी। इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया, जहां वह वर्तमान में बंद हैं।
जेल में रहते हुए बने सांसद
निवारक हिरासत के दौरान ही अमृतपाल सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब की खडूर साहिब सीट से चुनाव जीता।
लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए उन्हें सीमित अवधि की पैरोल दी गई थी। उस समय उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी।
हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत
अमृतपाल सिंह ने अपनी हिरासत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, अदालत ने याचिका पर सीधे सुनवाई से इनकार करते हुए पहले संबंधित हाई कोर्ट जाने की सलाह दी थी।
इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां से भी उनकी याचिका खारिज कर दी गई। फिलहाल उनकी हिरासत से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी न्यायिक कार्यवाहियों के अनुरूप जारी है।
अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग को लेकर वारिस पंजाब दे का आंदोलन एक बार फिर सुर्खियों में है। जहां संगठन शांतिपूर्ण मार्च के जरिए अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की बात कह रहा है, वहीं प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अब इस प्रदर्शन और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।

