बीजेपी सांसद कंगना रनौत के विवादित बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी और संसद से निष्कासन की मांग की है। वहीं RJD ने भी बयान की आलोचना की है, जबकि BJP की ओर से कंगना का बचाव किया गया।
पप्पू यादव ने X पर उठाई कार्रवाई की मांग
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बीजेपी सांसद कंगना रनौत के बयान की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने लिखा कि कंगना रनौत ने कथित तौर पर एक पूरी पीढ़ी का अपमान किया है और युवाओं, विशेषकर बेटियों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की है। पप्पू यादव ने मांग की कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और संसद से निष्कासित किया जाए। यह पप्पू यादव की राजनीतिक मांग और आरोप हैं।
क्या है विवाद?
विवाद कंगना रनौत के उस बयान को लेकर है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर Gen-Z को लेकर विवादित टिप्पणी की। इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने उनकी आलोचना शुरू कर दी।

कंगना के बयान को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी बहस तेज हो गई है।
RJD ने भी साधा निशाना
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती ने भी कंगना रनौत पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंगना की टिप्पणी महिलाओं और युवाओं के प्रति अपमानजनक है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। यह RJD की राजनीतिक प्रतिक्रिया है।
BJP ने किया बचाव
वहीं, बीजेपी सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कंगना रनौत का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने जो कहा, वह कुछ छात्रों के व्यवहार और विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में था।
उन्होंने विपक्षी दलों पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वालों की आलोचना करना गलत नहीं है। यह धर्मशीला गुप्ता का बयान है।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
कंगना रनौत के बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विपक्ष जहां कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं बीजेपी इसे अलग संदर्भ में देख रही है।
समाचार लिखे जाने तक कंगना रनौत की ओर से पप्पू यादव और RJD की ताजा प्रतिक्रियाओं पर कोई नया सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया था।
कंगना रनौत के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता दिख रहा है। एक ओर विपक्ष उनके खिलाफ कानूनी और संसदीय कार्रवाई की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर बीजेपी उनके बयान का बचाव कर रही है। इस मामले में आगे की राजनीतिक और कानूनी स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

