back to top
Tuesday, August 18, 2026
HomeराजनीतिCJP फूड वॉलंटियर जुनैद मलिक की याचिका पर 3 अगस्त को सुप्रीम...

CJP फूड वॉलंटियर जुनैद मलिक की याचिका पर 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के दौरान भोजन वितरण करने वाले CJP फूड वॉलंटियर जुनैद मलिक ने दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ पुलिस पर अवैध हिरासत, धमकाने और परिवार को परेशान करने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों से जुड़ी उनकी याचिका पर अब 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

CJP छात्र आंदोलन से जुड़े फूड वॉलंटियर जुनैद मलिक ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में दावा किया है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों को भोजन उपलब्ध कराने के बाद उन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। उनका आरोप है कि पूछताछ के दौरान उनसे आंदोलन की फंडिंग और भोजन वितरण को लेकर सवाल किए गए। इसके बाद उन्हें उत्तराखंड की ओर ले जाकर छोड़ दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

परिवार को परेशान करने का आरोप

जुनैद का कहना है कि उनके छोड़े जाने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने उनके पैतृक गांव नाहल स्थित घर पर दबिश दी और उनके पिता को हिरासत में लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेरठ पुलिस ने उनकी बहन के ससुराल पक्ष को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर दबाव बनाया। इन घटनाओं को उन्होंने अपनी याचिका का प्रमुख आधार बनाया है।

CJP फूड वॉलंटियर जुनैद मलिक की याचिका पर 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

वीडियो बयान में सुनाई आपबीती

जुनैद ने एक वीडियो संदेश में बताया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उन्हें एक कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद वे उपचार के लिए आरएमएल अस्पताल गए। लौटते समय कुछ लोगों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए उन्हें वाहन में बैठाया। उनका आरोप है कि आंखों पर पट्टी बांधकर उनसे कई सवाल पूछे गए और बाद में देहरादून रोड पर छोड़ दिया गया।

अखिलेश यादव से मुलाकात

28 जुलाई को जुनैद मलिक ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। उनके अनुसार, इस दौरान अखिलेश यादव ने उन्हें समर्थन का भरोसा दिया और सवाल उठाया कि “क्या खाना बांटना अपराध है?” इस मुलाकात में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।

3 अगस्त की सुनवाई पर सबकी नजर

अब इस पूरे मामले की सुनवाई 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होगी। अदालत के समक्ष दिल्ली पुलिस, गाजियाबाद पुलिस और मेरठ पुलिस पर लगाए गए आरोपों तथा संबंधित पक्षों के तर्क रखे जाएंगे। इस सुनवाई से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि पुलिस कार्रवाई और लगाए गए आरोपों पर आगे कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी।

जुनैद मलिक का मामला केवल एक व्यक्ति की शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस कार्रवाई, नागरिक अधिकारों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन से जुड़े संवैधानिक सवालों को भी सामने लाता है। हालांकि, पुलिस पर लगाए गए आरोपों की न्यायिक या आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में 3 अगस्त की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई इस मामले में आगे की दिशा तय करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments