भारत और अमेरिका के बीच हुई नई ट्रेड डील को लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे ऐतिहासिक और देशहित में लिया गया फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते का देश लंबे समय से इंतजार कर रहा था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। गोयल के मुताबिक यह डील भारत के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देगी और 140 करोड़ नागरिकों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यापारिक समझौता नहीं बल्कि भारत की वैश्विक साख और कूटनीतिक ताकत का प्रमाण है। गोयल ने यह भी कहा कि देशभर में इस फैसले को लेकर सकारात्मक माहौल है और प्रधानमंत्री के इस कदम की सराहना की जा रही है।
पीयूष गोयल का विपक्ष पर हमला और टैरिफ राहत का जिक्र
पीयूष गोयल ने कहा कि वह संसद में इस ट्रेड डील पर विस्तार से अपनी बात रखना चाहते थे लेकिन विपक्ष के व्यवहार के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था कि अमेरिका के साथ डील कब होगी। गोयल ने याद दिलाया कि भारत पर पहले 50 प्रतिशत तक का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया था, जिससे खासकर सीफूड सेक्टर से जुड़े कारोबारियों पर भारी दबाव था। इस डील के जरिए उस तनाव को काफी हद तक खत्म किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत के पड़ोसी और प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में यह समझौता भारत के लिए कहीं अधिक संतुलित और लाभकारी है, जिससे देश को वैश्विक बाजार में मजबूती मिलेगी।
एमएसएमई और निर्यात सेक्टर को मिलेगा बड़ा फायदा
इस ट्रेड डील का सबसे बड़ा लाभ देश के एमएसएमई सेक्टर को मिलने वाला है। पीयूष गोयल ने कहा कि छोटे और मझोले उद्योगों को अब अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे निर्यात बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। लेदर, टेक्सटाइल, रबर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए यह डील बेहद अहम मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच भी भारत को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है। गोयल ने कहा कि यह समझौता मित्रता और आपसी विश्वास के आधार पर हुआ है, जो यह दिखाता है कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है और उसे प्राथमिकता दी जा रही है।
किसानों और घरेलू हितों की सुरक्षा का भरोसा
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि इस ट्रेड डील में किसानों और घरेलू कृषि हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है। कृषि और डेयरी सेक्टर को पूरी तरह संरक्षण दिया गया है, ताकि देश के किसानों पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी वर्गों को इस समझौते से लाभ मिले। सीफूड सेक्टर से जुड़े कारोबारी लंबे समय से राहत की मांग कर रहे थे और अब इस डील से उन्हें नई उम्मीद मिली है। गोयल के अनुसार यह समझौता आने वाले वर्षों के लिए एक शुभ संकेत है, जो भारत को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाएगा।

