WhatsApp दुनिया भर में करोड़ों लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है और भारत में भी इसकी लोकप्रियता बहुत अधिक है। कंपनी लगातार यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नए-नए फीचर्स लेकर आती रहती है। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया है कि व्हाट्सएप जल्द ही एक नया सुरक्षा फीचर लेकर आ रहा है, जो यूजर्स को साइबर हमलों से बचाने में मदद करेगा। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो टार्गेटेड साइबर अटैक्स के खतरे में हो सकते हैं।
स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स से बढ़ेगी सुरक्षा
व्हाट्सएप की यह नई सुविधा ‘स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स’ नाम से जानी जाएगी। इसे एंड्रॉइड के बीटा वर्जन 2.25.33.4 में देखा गया है, लेकिन फिलहाल यह विकास के चरण में है और परीक्षण शुरू नहीं हुआ है। इस मोड की खासियत यह होगी कि यह कई सुरक्षा सेटिंग्स को एक साथ एक टॉगल से सक्रिय कर सकेगा। मतलब यूजर को अलग-अलग प्राइवेसी ऑप्शंस को अलग से सेट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे उपयोगकर्ता की सुरक्षा और भी मजबूत होगी।
IP एड्रेस प्रोटेक्शन और मीडिया ब्लॉकिंग
स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स मोड में सबसे अहम फीचर है IP एड्रेस प्रोटेक्शन। इसके तहत जब आप व्हाट्सएप कॉल करेंगे तो आपका IP एड्रेस छुपा रहेगा क्योंकि कॉल कंपनी के सर्वर के जरिए रूट की जाएगी। इससे कोई भी आपकी लोकेशन ट्रैक नहीं कर पाएगा। इसके अलावा, इस मोड में अंजान नंबरों से आने वाले फोटो, वीडियो या डॉक्यूमेंट्स अपने आप डाउनलोड नहीं होंगे, जिससे मैलवेयर या फिशिंग लिंक से बचाव होगा।

अनजान कॉल्स म्यूट और ग्रुप इनवाइट कंट्रोल
इस मोड में अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स अपने आप म्यूट हो जाएंगी, जिससे स्पैम या धोखाधड़ी वाली कॉल्स का खतरा कम होगा। इसके साथ ही, यूजर यह भी तय कर सकेगा कि केवल सेव किए गए कॉन्टैक्ट ही उसे ग्रुप में जोड़ सकें। इससे अनचाहे ग्रुप और स्पैम का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह फीचर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए फायदेमंद होगा जो अपनी प्राइवेसी को लेकर सजग हैं।
प्राइवेसी कंट्रोल और टू-स्टेप वेरिफिकेशन
स्ट्रिक्ट मोड में यूजर अपनी प्रोफाइल फोटो, स्टेटस और ‘लास्ट सीन’ जैसी जानकारियां केवल अपने कॉन्टैक्ट्स तक सीमित कर सकेगा। साथ ही, यदि किसी कॉन्टैक्ट का एन्क्रिप्शन कोड बदलता है तो यूजर को सिक्योरिटी अलर्ट भी मिलेगा, जिससे चैट की प्रामाणिकता की जांच की जा सकेगी। इसके अलावा, इस मोड में टू-स्टेप वेरिफिकेशन अपने आप सक्रिय हो जाएगी, जो अकाउंट को पिन के जरिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करेगी।

