राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित दान चोरी के आरोपों ने नया राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा कर दिया है। अब राम जन्मभूमि मामले में हिंदू पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता रहे विष्णु शंकर जैन ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विष्णु शंकर जैन ने जताई चिंता
राम जन्मभूमि मामले में हिंदू पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए।
‘राम मंदिर देश के लिए आदर्श बनना चाहिए था’
जैन ने कहा कि वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई का उद्देश्य केवल मंदिर निर्माण नहीं था, बल्कि ऐसा राम मंदिर बनाना था जो पूरे देश के लिए एक आदर्श उदाहरण बने। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट, ट्रस्टियों और प्रबंधन से जुड़े आरोपों की खबरें सामने आने से उन्हें गहरा दुख और निराशा हुई है। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति की कभी कल्पना भी नहीं की गई थी।
जांच केवल एफआईआर तक सीमित नहीं रहेगी
विष्णु शंकर जैन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान एफआईआर में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, जांच केवल उन्हीं तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि एसआईटी और पुलिस जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है। जांच एजेंसियों के पास कानून के तहत पर्याप्त अधिकार मौजूद हैं।

एसआईटी जांच के बाद दर्ज हुई एफआईआर
राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावा चोरी के आरोप सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
सीएम योगी का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे।
जांच पर टिकी सभी की निगाहें
राम मंदिर से जुड़ा यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियां सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। आने वाले दिनों में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगी।

