अगर आप अक्सर बाहर से खाना मंगवाते हैं, तो आपको अब ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप स्विगी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर 17.58 रुपये प्रति ऑर्डर कर दी है, जो पहले 14.99 रुपये थी। यानी कि इसमें करीब 17 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले जोमैटो ने भी अपनी फीस में करीब 2.40 रुपये का इजाफा किया था। इन दोनों बड़ी कंपनियों के फैसलों के बाद अब ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना पहले के मुकाबले महंगा हो गया है।
बढ़ती लागत ने कंपनियों पर डाला दबाव
स्विगी ने अपने यूजर्स को बताया कि प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाने का मकसद ऑपरेशन और मेंटेनेंस से जुड़े बढ़ते खर्चों को संभालना है। पिछले कुछ समय में ईरान-इजरायल युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा है, जिसका असर एलपीजी और कच्चे तेल की कीमतों पर साफ देखने को मिला है। ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते पूरे फूड डिलीवरी सिस्टम की लागत बढ़ गई है। इसमें रेस्टोरेंट्स, डिलीवरी पार्टनर्स और लॉजिस्टिक्स शामिल हैं। यही वजह है कि स्विगी ने प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा करने का फैसला लिया।

रोज ऑर्डर करने वालों के लिए बढ़ेगा खर्च
ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की बढ़ी हुई फीस का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोज या बार-बार खाना ऑर्डर करते हैं। खासतौर पर स्टूडेंट्स और युवा पेशेवर जो घर से दूर रहकर काम कर रहे हैं, उनके खर्च में सीधा इजाफा होगा। बार-बार ऑर्डर करने की वजह से यह छोटी-छोटी बढ़ोतरी मिलकर महीने के खर्च को काफी बढ़ा सकती है। इससे यूजर्स की जेब पर बड़ा दबाव पड़ेगा और रोजमर्रा के खर्चों में भारी अंतर दिखाई देगा।
जोमैटो और स्विगी दोनों ने बढ़ाई फीस
पिछले हफ्ते जोमैटो ने भी अपनी प्लेटफॉर्म फीस में करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इसकी शुरुआत अगस्त 2023 में केवल 2 रुपये से हुई थी, लेकिन अब यह बढ़कर 17.58 रुपये प्रति ऑर्डर पहुंच गई है। स्विगी ने भी लगभग 17 फीसदी का इजाफा किया है। इन दोनों कंपनियों की यह रणनीति मुख्य रूप से बढ़ती लागत और ईंधन कीमतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। ग्राहकों के लिए अब ऑनलाइन खाना मंगवाना पहले की तुलना में महंगा होने वाला है और यूजर्स को बजट में बदलाव करना पड़ सकता है।

