भारतीय शेयर बाजार में आठ अप्रैल को जो तेज उछाल देखने को मिला वह वैश्विक संकेतों से प्रेरित था। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की खबर ने अंतरराष्ट्रीय तनाव को कम किया। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली।
दिनभर बाजार का मूवमेंट
बाजार ने सुबह मजबूत शुरुआत की। शुरुआती मिनटों में ही तेजी के संकेत मिल गए। थोड़ी देर के लिए हल्की गिरावट आई लेकिन फिर खरीदारी लौट आई। दोपहर तक निफ्टी लगातार मजबूत बना रहा और दिन के अंत तक ऊंचे स्तरों के आसपास बंद हुआ।
निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा
इस तेजी के चलते निवेशकों की संपत्ति में करीब पंद्रह लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। यह रैली केवल बड़े निवेशकों तक सीमित नहीं रही। रिटेल निवेशकों के पोर्टफोलियो भी मजबूत हुए। बाजार में व्यापक स्तर पर धन सृजन देखने को मिला।

सेक्टर और शेयरों का प्रदर्शन
ऑटो बैंकिंग और मेटल सेक्टर ने बाजार को सबसे ज्यादा सहारा दिया। बैंकिंग शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इंटरग्लोब एविएशन जैसे स्टॉक्स ने शानदार प्रदर्शन किया। वहीं टेक महिंद्रा सन फार्मा और पावर ग्रिड जैसे शेयर दबाव में रहे।
आगे की दिशा और बाजार की उम्मीदें
अब बाजार की नजर रिजर्व बैंक की नीतियों और महंगाई तथा विकास के आंकड़ों पर है। यदि वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं तो यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेश का प्रवाह भी बाजार की दिशा तय करेगा।

