नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे लोकतंत्र, शांतिपूर्ण आंदोलन और युवाओं की जीत बताते हुए छात्रों को बधाई दी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक का संदेश
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह लोकतंत्र की जीत है और यह जीत सीधे सड़कों से आई है। उन्होंने इसे शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत बताते हुए CJP और देश की Gen Z को बधाई दी। साथ ही उन नागरिकों का भी आभार जताया जिन्होंने आंदोलन के दौरान अपनी आवाज उठाई। यह उनके सोशल मीडिया पोस्ट में व्यक्त विचार हैं।
छात्र आंदोलन के समर्थन में किया था अनशन
सोनम वांगचुक ने 28 जून को जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू की थी। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल और बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने 27वें दिन अपना अनशन समाप्त किया था।

अनशन समाप्त करने के बाद क्या कहा?
भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने X पर बताया था कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की सर्वोच्च समिति के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना अनशन तोड़ा। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के कई सांसदों ने भी उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। साथ ही उन्होंने देश में शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा से बचने की अपील की थी।
आंदोलन के बाद बदला माहौल
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर और देश के कई हिस्सों में छात्र समर्थकों ने खुशी जताई। इस बीच कई विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा लगातार जारी है।
आगे की स्थिति पर नजर
हालांकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद आंदोलन की दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों और सरकार के बीच बातचीत पर भी सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर आगे की रणनीति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

