धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया है। शनिवार को उन्होंने आधिकारिक तौर पर शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभालते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सौंपी गई इस जिम्मेदारी को कर्तव्य भावना, विनम्रता और पूरी क्षमता के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
प्रह्लाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार
नवनियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पदभार ग्रहण करने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उसके लिए आभारी हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी है और वह इसे पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ निभाएंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति को आगे बढ़ाने की बात
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अब वह उसी दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे।

पहले से संभाल रहे हैं उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय
प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का भी कार्यभार संभाल रहे हैं। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति में इसकी आधिकारिक जानकारी दी गई।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुआ बदलाव
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) प्रश्नपत्र लीक विवाद और उससे जुड़े छात्र प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है और हाल की घटनाओं से वह बेहद व्यथित हैं।
इस्तीफे के साथ समाप्त हुआ आंदोलन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आंदोलन 6 जून से चल रहा था। आंदोलन के दौरान कई चरणों में विरोध प्रदर्शन हुए। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की गई। आंदोलन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आई थीं।

