back to top
Wednesday, September 16, 2026
Homeराज्यगोंडा हत्याकांड पर संजय निषाद का वीडियो वायरल, सपा ने हमला बोलकर...

गोंडा हत्याकांड पर संजय निषाद का वीडियो वायरल, सपा ने हमला बोलकर मांगा मंत्री का इस्तीफा

गोंडा में विनोद साहनी की हत्या के बाद सियासत तेज हो गई है। मामले में योगी सरकार के मंत्री संजय निषाद के अधिकारियों से मुलाकात वाले वीडियो पर समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। सपा ने मंत्री की भूमिका और सरकार में उनकी स्थिति को लेकर तीखा हमला बोलते हुए इस्तीफे की मांग तक कर दी।

विनोद साहनी हत्याकांड के बाद गोंडा पहुंचे संजय निषाद

उत्तर प्रदेश के गोंडा में विनोद साहनी की हत्या के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। निषाद पार्टी के प्रमुख और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की और मामले में कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई।

संजय निषाद के सर्किट हाउस पहुंचने पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक अभिषेक गुलदस्ता लेकर पहुंचे। मंत्री ने अधिकारियों से गुलदस्ता स्वीकार किया और गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी भी ली।

‘पुलिस सरकार की बदनामी करा रही है’

अधिकारियों से मुलाकात के दौरान संजय निषाद ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस सरकार की बदनामी करा रही है। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष लाशों पर राजनीति कर रहा है।

गोंडा हत्याकांड पर संजय निषाद का वीडियो वायरल, सपा ने हमला बोलकर मांगा मंत्री का इस्तीफा

इसी दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसको लेकर अब सपा और सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक विवाद बढ़ गया है।

सपा ने वीडियो को लेकर साधा निशाना

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने संजय निषाद के वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि विनोद साहनी की इलाज के दौरान मौत की जानकारी मिलने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर उन्हें और राजपाल कश्यप को मौके पर भेजा गया था।

सपा प्रवक्ता के मुताबिक, उस समय संजय निषाद भी वहां मौजूद थे और उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं था। हसन ने दावा किया कि डॉक्टर और पुलिसकर्मी तक मंत्री की बात नहीं सुन रहे थे। इसके बाद सपा नेताओं के धरने पर बैठने और फिर संजय निषाद के भी धरने में शामिल होने की बात कही।

‘मंत्री की अपनी सरकार में ही नहीं सुनी जा रही बात’

फखरुल हसन चांद ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा एक ऐसा वीडियो छिपाया जा रहा था, जिसमें विनोद साहनी ने कथित तौर पर आरोपियों के नाम लिए थे। उन्होंने दावा किया कि धरना-प्रदर्शन के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू हुई।

सपा प्रवक्ता ने संजय निषाद पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर अपनी ही सरकार में मंत्री की बात नहीं सुनी जा रही है और कार्रवाई के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है, तो उन्हें अपनी स्थिति पर विचार करना चाहिए।

‘सरकार की बदनामी’ वाले बयान पर भी हमला

संजय निषाद के इस बयान पर कि पुलिस सरकार की बदनामी करा रही है, सपा प्रवक्ता ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों में ही अन्याय है और काफी कोशिशों के बाद मुकदमा दर्ज हुआ।

हसन ने कहा कि सत्ता पक्ष से जुड़े विधायक और मंत्री होने के नाते संजय निषाद को अपने समाज के व्यक्ति के लिए मजबूती से खड़ा होना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर मंत्री अपने समाज के लोगों के लिए आवाज नहीं उठा सकते तो उन्हें सरकार से समर्थन वापस लेकर इस्तीफा दे देना चाहिए।

संजय निषाद ने अधिकारियों से क्या कहा?

गोंडा सर्किट हाउस में अधिकारियों से बातचीत के दौरान संजय निषाद ने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे उनके समाज के सभी लोग अपराधी हों।

उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही अधिकारियों से कहा था कि लोग शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देकर अपनी बात रखेंगे। संजय निषाद ने यह भी दावा किया कि उन्होंने करीब तीन महीने पहले पत्र लिखकर मामले को लेकर चिंता जताई थी।

फोर्स की तैनाती और कार्रवाई पर उठाए सवाल

संजय निषाद ने अधिकारियों से कहा कि जहां पुलिस बल की जरूरत है, वहां पर्याप्त फोर्स नहीं लगाई जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे आगजनी या किसी दूसरी घटना का खतरा पैदा हो सकता है।

उन्होंने अधिकारियों को सख्ती से काम करने और गलत सूचनाएं देने वाले तंत्र की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने एलआईयू से जुड़ी जानकारी पर भी सवाल उठाए और अधिकारियों से स्थिति की सही जानकारी के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की।

गोंडा से लखनऊ तक बढ़ी सियासी गर्मी

विनोद साहनी हत्याकांड अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह सियासी बहस का भी केंद्र बनता जा रहा है। एक तरफ संजय निषाद पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं सपा उनकी सरकार में भूमिका और कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर रही है।

अब नजर इस बात पर है कि मामले की जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है और सरकार इस पूरे विवाद पर क्या आधिकारिक रुख अपनाती है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments